बदलते समय और तेज़ी से विकसित हो रही तकनीक ने युवाओं की जीवनशैली (जेन-ज़ी लाइफस्टाइल) में गहरा बदलाव ला दिया है। यह बदलाव खासकर जेन-जी (1996 और 2010 के बीच पैदा हुई पीढ़ी) की तुलना जेन-एक्स (1965 और 1980 के बीच पैदा हुई पीढ़ी) से करने पर साफ़ दिखाई देता है।
दरअसल, जेन-जी, जेन-एक्स की तुलना में बाहर काफ़ी कम समय बिताती है। एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, जेन-ज़ी सप्ताह के दिनों में औसतन केवल 49 मिनट ही बाहर बिताती है और बाकी समय घर पर बिताती है (जेन-ज़ी हैबिट्स)। जेन-एक्स रोज़ाना लगभग 65 मिनट बाहर बिताती है। इसका मतलब है कि जेन-जी, बाहरी गतिविधियों में अपनी तुलना में लगभग 25% कम समय बिताती है।
इसका क्या कारण है?
सर्वेक्षण में शामिल 67% जेन-जी ने कहा कि वे आराम से कई दिन बिना बाहर जाए बिता सकते हैं। हालाँकि, कम बाहर जाने के पीछे सिर्फ़ तकनीक ही एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि कुछ और भी कारण हैं, जैसे 25% जेन-जी खराब मौसम में बाहर जाना पसंद नहीं करते, 16% के पास समय की कमी है, जबकि कुछ प्रतिशत जेन-जी अकेले बाहर नहीं जाना चाहते। वे किसी दोस्त या पार्टनर के साथ बाहर जाना पसंद करते हैं क्योंकि वे अकेले बोर हो जाते हैं।
इसके अलावा, स्क्रीन टाइम भी एक बड़ी बाधा बन गया है। डिजिटल दुनिया की बढ़ती पकड़ ने युवाओं को मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन कंटेंट में इतना व्यस्त कर दिया है कि उनका प्रकृति और बाहरी दुनिया के प्रति रुझान कम हो गया है।
घर पर सामाजिक जीवन का एक नया रूप
हालांकि, बाहर कम समय बिताने के बावजूद, जेन-जी अपने सामाजिक जीवन को प्रभावित नहीं होने दे रही हैं। वे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए रिश्तों को नए अंदाज़ में जी रही हैं। एक डेटिंग ऐप की रिपोर्ट बताती है कि भारत में जेन-जी अब लंबी दूरी के रिश्तों को बाधा नहीं, बल्कि रोमांच और नए अनुभवों का हिस्सा मानती हैं। छुट्टियों में शुरू हुए रिश्ते अब लंबे समय तक टिक रहे हैं और जेन-जी उन्हें अनोखे तरीकों से निभा रही हैं।
कपल अब वीडियो कॉल के ज़रिए साथ समय बिता रहे हैं, ऑनलाइन फ़िल्में देख रहे हैं, वर्चुअल गेमिंग सेशन में हिस्सा ले रहे हैं और यहाँ तक कि घर पर ही खाना ऑर्डर करके ऑनलाइन डेट्स भी आयोजित कर रहे हैं। इन छोटी-छोटी कोशिशों से जेन-जी अब लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप से नहीं कतरा रही हैं।








