Home खेल ‘इस पल का काफी समय से इंतजार था,’ अर्धशतक जड़कर लौटा अभिषेक...

‘इस पल का काफी समय से इंतजार था,’ अर्धशतक जड़कर लौटा अभिषेक शर्मा का आत्मविश्वास

1
0

चेन्नई, 26 फरवरी (आईएएनएस)। चेन्नई के एमए ​​चिदंबरम स्टेडियम में गुरुवार को भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर 8 मैच में 4 विकेट खोकर 256 रन बनाए। इस पारी में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 4 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 55 रन जुटाए। बाएं हाथ के ओपनर अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह इस पारी से बेहद खुश हैं। वह टूर्नामेंट में इस पल का काफी समय से इंतजार कर रहे थे।

अभिषेक लीग स्टेज में तीन बार बगैर खाता खोले आउट हुए थे। वह पेट में इन्फेक्शन के कारण नामीबिया के खिलाफ मैच भी नहीं खेल पाए थे, जिसके चलते उन्हें नई दिल्ली के हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक लगाना भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की कोशिश में उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने मिड-इनिंग्स चैट में ब्रॉडकास्टर्स से कहा, “जब आप टीम के लिए योगदान देते हैं तो यह हमेशा बहुत अच्छा होता है। मैं इस पल का काफी लंबे समय से इंतजार कर रहा था, आखिरकार यह हुआ। मैं सच में बहुत खुश हूं। मैं बस पिच पर कुछ समय बिताना चाहता था क्योंकि अगर आप देखें, तो मैंने पूरे टूर्नामेंट में अभी तक 10-12 गेंदें भी नहीं खेली हैं।”

अभिषेक ने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भारतीय टीम को भी उनका साथ देने का श्रेय देते हुए कहा, “मैं बस कुछ समय बिताना चाहता था और टीम का खास जिक्र करना चाहता था, जिस तरह से उन्होंने अब तक मेरे साथ बर्ताव किया है। ऐसा था, जैसे, आखिर में आपको ऐसा नहीं लगेगा कि मैं टीम के लिए रन नहीं बना रहा हूं। प्रैक्टिस सेशन और होटलों में भी, वे सभी बस इस पल का इंतजार कर रहे थे। वे सभी मुझे याद दिला रहे थे कि मैंने यह पहले भी किया है, मेरा अच्छा समय अब ​​दूर नहीं है। मैं बस विश्वास रखूं।”

भारत की पारी के अंतिम ओवरों को ‘वीडियो गेम जैसा’ बताए जाने पर अभिषेक शर्मा ने कहा, “बिल्कुल। जिस तरह से उन्होंने पारी को फिनिश किया, उससे साफ लगा कि वही इरादा वापस आ गया है, जैसा वे चाहते थे और जैसा हमने पूरे साल खेला है। यही वह योजना थी जो हमने कल बनाई थी। एक बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमारा स्पष्ट संदेश था कि अगर हमें लगे कि हमने पर्याप्त गेंदें देख ली हैं, तो फिर जाकर खुद को खुलकर खेलें। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, लेकिन यही प्लान कल भी था और उससे एक दिन पहले प्रैक्टिस सेशन में भी यही बात तय हुई थी। एक बल्लेबाज और बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमें जाकर खुद को व्यक्त करना है। पूरे साल हमने इसी अंदाज में खेला है और आगे भी हम एक-दूसरे का इसी तरह समर्थन करते रहेंगे।”

–आईएएनएस

आरएसजी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here