पंकज त्रिपाठी आज फिल्म इंडस्ट्री में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बिहार से मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन अपनी मेहनत और हुनर से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक मजबूत पकड़ बना ली है। चाहे मिर्जापुर के कालीन भैया हों या स्त्री के रुद्र, पंकज ने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी है। अब उनकी बेटी आशी त्रिपाठी भी उनके नक्शेकदम पर चलने को तैयार हैं। पंकज की बेटी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया है और पंकज खुद इस पहल से बेहद खुश हैं।
पंकज की रंगमंच पर वापसी
काफी समय बाद पंकज त्रिपाठी रंगमंच की दुनिया में वापसी कर रहे हैं, जहाँ से एक कलाकार के रूप में उनका सफर शुरू हुआ था। इस बार वह न केवल एक अभिनेता के रूप में, बल्कि एक निर्माता के रूप में भी नज़र आएंगे। उन्होंने अपनी पत्नी और व्यावसायिक साझेदार मृदुला त्रिपाठी के साथ मिलकर एक नया बैनर, रूपकथा रंगमंच, लॉन्च किया है। इस नए बैनर के तहत उनका पहला प्रोजेक्ट “लैलाज” नामक एक नाटक है। पंकज की 18 वर्षीय बेटी आशी त्रिपाठी इस नाटक से अपने रंगमंचीय करियर की शुरुआत करेंगी। वह मुख्य भूमिका निभाएँगी और लाइव दर्शकों के सामने प्रस्तुति देंगी। उनके माता-पिता इस उपलब्धि को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
इस गाने में नज़र आईं
गौरतलब है कि आशी त्रिपाठी इससे पहले “रंग दारो” गाने में काम कर चुकी हैं। यह गाना आधिकारिक तौर पर 14 मार्च को होली के मौके पर रिलीज़ किया गया था। मैनक भट्टाचार्य और संजना रामनारायण द्वारा गाया गया, “रंग दारो” अभिनव आर. कौशिक द्वारा रचित है। इस गाने में वह पीली साड़ी पहने नज़र आईं। आशी के हाव-भाव और व्यवहार से लोग काफ़ी प्रभावित हुए और कहा गया कि जब वह फ़िल्मों में आएंगी तो अपनी एक्टिंग से सबका दिल जीत लेंगी।
आशी को पहले भी अनुभव है
आशी ने “लैलाज़” से पहले भी अभिनय किया है। हालाँकि वह अभी भी उस बड़े ब्रेक का इंतज़ार कर रही हैं, लेकिन वह थिएटर से अच्छी शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। लाइमलाइट से दूर रहने के बावजूद, वह अभिनय के लिए कड़ी मेहनत करती रहती हैं। फ़िलहाल, वह थिएटर और म्यूज़िक वीडियो में अपने हुनर को निखार रही हैं, जबकि उनके प्रशंसक उनके बॉलीवुड डेब्यू का इंतज़ार कर रहे हैं।







