मशहूर कथावाचक कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर के बेटे, कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने 5 दिसंबर को जयपुर के ताज आमेर होटल में हरियाणा के यमुनानगर की शिप्रा शर्मा से शादी की। दिन में उनकी वैदिक रीति-रिवाजों से शादी हुई, जिसमें 100 पंडितों ने मंत्र पढ़े, और रात में आशीर्वाद समारोह हुआ। भजनों और गीतों के बीच, संतों, ऋषियों और मशहूर हस्तियों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
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दुल्हन शिप्रा अपनी शादी के जोड़े में स्टेज पर आईं, जबकि इंद्रेश उपाध्याय भी चांदी की छड़ी पकड़े हुए स्टेज पर आए। दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई, और उन्होंने हाथ जोड़कर संतों और मेहमानों का अभिवादन किया। दोनों अपने शादी के कपड़ों में बहुत खूबसूरत लग रहे थे। आइए, दूल्हा और दुल्हन के कपड़ों के बारे में भी जानते हैं।
दुल्हन शिप्रा शर्मा लाल रंग की ड्रेस में
नई दुल्हन शिप्रा ने गहरे लाल रंग का लहंगा पहना था, जिस पर सुनहरे ज़री का काम, सीक्वेंस और पारंपरिक बूटी पैटर्न बने थे। उनके कंधों पर ओढ़ा हुआ हाथ से कढ़ाई किया हुआ दुपट्टा, जिसके सुनहरे बॉर्डर, कढ़ाई और सितारों ने उन्हें शाही लुक दिया। शिप्रा ने भारी माथा पट्टी, पन्ना-चांदी के गहने, नथ और झुमके पहने थे, जिससे उन्हें महारानी जैसा लुक मिला। लाल-सुनहरी ड्रेस के साथ हरी चूड़ियों का कंट्रास्ट उनके लुक को और भी खूबसूरत बना रहा था। शिप्रा ने नेचुरल बेस के साथ हल्का ब्लश और क्लासिक लाल लिपस्टिक लगाई थी, जो उनके ब्राइडल लुक को बिना ज़्यादा दिखावटी बनाए पूरा कर रही थी।
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दूल्हा इंद्रेश उपाध्याय शाही लुक में
इंद्रेश उपाध्याय ने जयमाला सेरेमनी के लिए शाही पोशाक पहनी थी। वह बग्घी में बैठकर शादी की जगह पर पहुंचे। उन्होंने क्रीम-गोल्ड शेरवानी पहनी थी, जिस पर धागे और ज़री का काम था। उनके पूरे लुक की खासियत राजस्थानी स्टाइल की पगड़ी थी, जिस पर मोती, कढ़ाई और कलगी पर पंख लगा था। इससे उनकी पर्सनैलिटी में शाही अंदाज़ आ गया। इस पारंपरिक ऑफ-व्हाइट पोशाक पर गहरे लाल रंग की वरमाला ने एक खूबसूरत कंट्रास्ट बनाया और लुक में फेस्टिव चमक ला दी। कंधे पर ओढ़ा हुआ कढ़ाई वाला स्टोल शेरवानी को शाही टच दे रहा था। उन्होंने पन्ना और मोतियों का हार भी पहना था।
शादी की रस्में दिन में हुईं
वैदिक मंत्रों के बीच, इंद्रेश उपाध्याय ने शिप्रा के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, जिसके बाद उन्होंने शिप्रा को मंगलसूत्र पहनाया और उनकी मांग में सिंदूर भरा। होटल में ही एक सुंदर और पारंपरिक वेडिंग मंडप बनाया गया था। शिप्रा ने रस्मों के दौरान हरे और पीले रंग की साड़ी/लहंगा पहना था। उन्होंने गोल्डन डॉट वर्क और एम्ब्रॉयडरी वाले बॉर्डर वाला लाल दुपट्टा पहना था। घूंघट की वजह से उन्होंने ज़्यादा ज्वेलरी नहीं पहनी थी, लेकिन हाथों में चूड़ियां पहनी थीं। दूल्हे ने हल्के पीच-गोल्ड शेड की शेरवानी पहनी थी जिस पर थ्रेड वर्क और सेक्विन एम्ब्रॉयडरी थी।








