ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है। उन्होंने हाल ही में T20I (टी20 अंतरराष्ट्रीय) क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया। तेज़ और खतरनाक बॉलिंग के लिए जाने जाने वाले स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 65 T20I मैचों में 79 विकेट चटकाए हैं। उनके इस फैसले से न केवल प्रशंसक बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान भी हैरान रह गए।
कप्तान के लिए भी भावनात्मक पल
मिचेल स्टार्क ने अपने संन्यास के फैसले के बारे में एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय उनके लिए बहुत ही भावनात्मक और कठिन रहा। स्टार्क ने अपने कप्तान से इस अचानक निर्णय के लिए माफी भी मांगी, क्योंकि टीम के नेतृत्व को इस खबर की उम्मीद नहीं थी। उनके शब्दों से साफ पता चलता है कि टीम और देश के प्रति उनका सम्मान और प्यार अब भी जस का तस है।
T20I वर्ल्ड कप में योगदान
स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की T20I टीम का एक अहम हिस्सा रहे हैं। खासकर साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला और एकमात्र T20I वर्ल्ड कप जीतने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। इस टूर्नामेंट में उनकी गेंदबाज़ी ने टीम को निर्णायक क्षणों में मजबूती दी और मैचों का रुख बदलने में मदद की। उनका यह योगदान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
अब केवल वनडे और टेस्ट में नजर आएंगे
T20I से संन्यास के बाद मिचेल स्टार्क अब केवल वनडे और टेस्ट क्रिकेट में ही खेलेंगे। इंटरव्यू में उन्होंने अपने फ्यूचर प्लान और आगामी करियर के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह इन दोनों फॉर्मेट्स में अपनी फिटनेस और अनुभव का पूरा उपयोग करके टीम को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखते हैं।

फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रियाएँ
स्टार्क के संन्यास की खबर आते ही सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके शानदार करियर की सराहना की। विशेषज्ञों का भी मानना है कि स्टार्क की टी20I से विदाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनके जैसा तेज़ और अनुभवी गेंदबाज टीम को कम ही मिलता है।
मिचेल स्टार्क का योगदान
क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया को मजबूत बनाने में मिचेल स्टार्क की भूमिका अहम रही है। तेज़ गति, शानदार यॉर्कर और बल्लेबाज़ों के लिए खतरनाक बॉलिंग उनके पहचान के प्रतीक हैं। उनकी अनुभवशील गेंदबाज़ी ने कई मैचों में ऑस्ट्रेलिया को संकट से उबारा है। अब T20I से संन्यास लेने के बाद भी उनकी भूमिका टीम के लिए प्रेरणादायक बनी रहेगी।







