आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में करियर और नौकरी को लेकर व्यक्ति की महत्वाकांक्षा बहुत बढ़ गई है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग अपने करियर में निरंतर प्रयास करने के बावजूद सफलता नहीं पा पाते। इसका एक बड़ा कारण होता है – अहंकार। अहंकार, यानी स्वयं की श्रेष्ठता का अहसास, व्यक्ति के व्यवहार, सोच और निर्णय प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव डालता है। नौकरी और करियर में अहंकार न केवल व्यक्तिगत विकास को रोकता है, बल्कि टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और प्रोफेशनल संबंधों को भी प्रभावित करता है।
1. सीखने की इच्छा में कमी
अहंकारी व्यक्ति अपने ज्ञान और अनुभव को सर्वोपरि मानता है। वे सोचते हैं कि उन्हें किसी से सीखने की आवश्यकता नहीं है। इस मानसिकता के कारण वे नए कौशल, तकनीक या प्रोफेशनल अपडेट से खुद को दूर रखते हैं। समय के साथ उनके ज्ञान और क्षमता में कमी आ जाती है, जो करियर की प्रगति में बाधक बनती है।
2. टीम वर्क और सहयोग में बाधा
अहंकार वाले लोग अपने विचारों और दृष्टिकोण को हमेशा सर्वोपरि मानते हैं। यह दृष्टिकोण उन्हें टीम में सहयोग करने से रोकता है। ऑफिस या प्रोजेक्ट के काम में टीम वर्क आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति अहंकारी है, तो टीम के अन्य सदस्यों के विचारों को महत्व नहीं देता और निर्णय लेने में विवाद उत्पन्न कर सकता है। ऐसे माहौल में प्रबंधन भी उन्हें सीमित अवसर देता है।
3. नकारात्मक संबंध और कम प्रोफेशनल नेटवर्क
करियर में नेटवर्किंग बहुत महत्वपूर्ण होती है। अहंकारी व्यक्ति अक्सर दूसरों के साथ संबंध बनाने में असफल रहते हैं। वे सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सुझावों और मार्गदर्शन को नजरअंदाज करते हैं। इसका परिणाम होता है कि उनके आसपास सहयोग और समर्थन की कमी हो जाती है। यह स्थिति प्रोफेशनल ग्रोथ और पदोन्नति की संभावनाओं को प्रभावित करती है।
4. आलोचना को स्वीकार न करना
अहंकार से ग्रसित लोग आलोचना को व्यक्तिगत अपमान समझते हैं। वे फीडबैक लेने में असमर्थ होते हैं और अपनी गलतियों से सीखने की बजाय विरोध या बहाने ढूंढते हैं। जबकि करियर में सुधार और सफलता के लिए समय-समय पर प्राप्त फीडबैक को समझना और अपनाना आवश्यक है। आलोचना को स्वीकार न करना उनकी प्रोफेशनल ग्रोथ को रोकता है।
5. अवसर खोना
अहंकार व्यक्ति को ऐसे निर्णय लेने पर मजबूर करता है जो केवल उसकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा या अहंभावना को ध्यान में रखते हैं। वे अक्सर कम चुनौतीपूर्ण, लेकिन सीखने और बढ़ने के अवसरों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसके अलावा, उनकी टीम या मैनेजर उनके साथ जोखिम लेने से भी बचते हैं। परिणामस्वरूप करियर में स्थिरता कम होती है और प्रगति रुक जाती है।
कैसे करें अहंकार पर नियंत्रण
करियर में सफलता पाने के लिए अहंकार पर काबू पाना आवश्यक है। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं की कमियों को स्वीकार करना, दूसरों से सीखने का प्रयास करना और टीम में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही फीडबैक को सकारात्मक रूप में लेना और अपने निर्णयों में लचीलापन रखना भी जरूरी है। ध्यान और आत्म-मूल्यांकन जैसी तकनीकें अहंकार को कम करने में मदद करती हैं।








