नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना की एंबेसडर दीया मिर्जा ने रुचिर पंजाबी और साकेत बर्मन के साथ जीरो प्राइज अभियान के शुभारंभ में भाग लिया, जहां उन्होंने वायु प्रदूषण से निपटने के प्रयासों पर प्रकाश डाला और पर्यावरण के लिए मजबूत कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम लोग वायु और पर्यावरण प्रदूषण की आपदा से गुजर रहे हैं, और यह एक ऐसी समस्या है जिससे हर किसी को हर जगह गुजरना पड़ रहा है। इस आपदा की चपेट में मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहर शामिल हैं। ये सभी शहर वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं। इसी के साथ हमारी नदियों का पानी, अंडरग्राउंड ग्राउंड वॉटर और मिट्टी भी दूषित है। ये दिक्कतें इंसानों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं, उनके स्वास्थ्य और आजीविका पर प्रभाव डाल रही हैं।”
उन्होंने कहा, “जीरो प्राइज अभियान का उद्देश्य ब्यूरोक्रेसी, नागरिक समाजों और उद्योगों को आपस में जोड़ना और उन्हें व्यापक, मापने योग्य और कार्रवाई योग्य समाधानों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है, यानी शब्दों को कार्यों में बदलना। यह एक शानदार पहल है, और मैं बहुत आभारी हूं कि नागरिक समाजों के दो लोगों ने कहा कि हम बैठकर समस्याओं के बारे में बात नहीं करेंगे, बल्कि हम समस्याओं को हल करने के लिए अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने का तरीका ढूंढेंगे।
इसी के साथ अभिनेत्री ने आगे कहा, “मैं सरकार को सलाह देने वाली कोई नहीं हूं। अदालतों ने बहुत ही दृढ़ निर्णय दिए हैं। विज्ञान और आंकड़ों ने आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत किए हैं। हम जानते हैं कि खराब वायु गुणवत्ता प्रति वर्ष 20 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित कर रही है, और यह हर किसी को अलग-अलग स्तर पर प्रभावित करती है, इसलिए समाधान नीति या कार्रवाई में मौजूद है। बस जमीनी स्तर पर यदि लोग इसे लागू करना शुरू कर दें, तो बहुत जल्दी बेहतर नतीजे देखने को मिलेंगे।”
इसके बाद, उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा, “चीन का वायु कुछ समय पहले कितना दूषित था, लेकिन वहां की जनता और सरकार ने समस्या को समझते हुए बहुत ही जल्दी कारगर निर्णय और कदम से वायु गुणवत्ता के स्तर को बेहतर किया।
हमारे देश में उनसे बेहतर संस्थान और लोग हैं, जिन्हें पता है कि कैसे वायु की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सकता है। इन संस्थानों ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, नागरिक समाज के लोगों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासकों और सरकार के साथ भी बातचीत की है। जैसे ही ये दिशा-निर्देश लागू होंगे, हम वायु गुणवत्ता में एक बड़ा बदलाव देखेंगे।
उन्होंने आगे देश के सभी बड़े बिजनेसमैन, इंडस्ट्रियलिस्ट और मालिकों से अपील की कि आप सब एयर पॉल्यूशन को लेकर जारी सभी नियमों और गाइडलाइंस को फॉलो करें।
–आईएएनएस
डीके/डीकेपी





