क्रिकेट न्यूज डेस्क।। कोहली, कोहली, कोहली… यह नाम अब लाल गेंद वाले क्रिकेट में नहीं सुनाई देगा। क्योंकि 36 वर्षीय बल्लेबाज ने अब इस प्रारूप को अलविदा कह दिया है। विराट कोहली के अचानक संन्यास लेने से हर कोई हैरान है। लोग लगातार अपने पसंदीदा खिलाड़ी को लेकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वह जानना चाहते हैं कि आखिर किस वजह से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से इतनी जल्दी संन्यास ले लिया। अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो हम इसका जवाब लेकर आए हैं। दैनिक जागरण/टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, विराट कोहली को बोर्ड ने बताया कि वह लाल गेंद वाले क्रिकेट के लिए टीम में फिट नहीं हो सकते। इतना ही नहीं बीसीसीआई ने विराट कोहली से कहा था कि टेस्ट टीम में उनकी जगह अनिश्चित है। हालाँकि, बोर्ड ने उनसे सेवानिवृत्ति के संबंध में कोई अनुरोध नहीं किया।
बोर्ड से यह जानकारी मिलने के बाद कोहली ने वही किया जो उन्होंने अपने करियर को लेकर पहले कहा था। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगेगा कि वह टीम में योगदान नहीं दे सकते तो वह बिना किसी देरी के संन्यास ले लेंगे। किंग कोहली ने भी ऐसा ही किया है। पिछले कुछ सीरीज से टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्ला अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। जिसके बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन से काफी नाखुश थे। श्रृंखला की समाप्ति के बाद उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उनका फॉर्म खराब होने लगा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोहली ने अपने एक साथी खिलाड़ी से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वे इस प्रारूप में ज्यादा प्रगति कर पाएंगे।
अब विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। ऐसे में अगर उनके प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 2011 से 2025 के बीच 123 टेस्ट मैचों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले। लाल गेंद क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत बल्लेबाजी प्रदर्शन नाबाद 254 रन है।






