आपने छापेमारी की कई कहानियाँ सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको जिस छापेमारी के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे देश की सबसे बड़ी आयकर छापेमारी बताया जा रहा है। इस छापेमारी के दौरान ₹135 करोड़ से ज़्यादा की नकदी ज़ब्त होने का दावा किया गया था। हम बात कर रहे हैं सहारा समूह पर 2014 में हुई छापेमारी की। आयकर विभाग ने नवंबर 2014 में सहारा इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी दिल्ली और नोएडा स्थित दो ठिकानों पर की गई थी। छापेमारी के दौरान ₹135 करोड़ से ज़्यादा की नकदी और आभूषण ज़ब्त किए गए। यह आयकर विभाग द्वारा की गई सबसे बड़ी ज़ब्ती में से एक थी, और ₹1 करोड़ के आभूषण भी बरामद किए गए। इतनी बड़ी रकम देखकर आयकर अधिकारी दंग रह गए।
सहारा समूह पर छापेमारी की कहानी
इस पैसे की ज़ब्ती के बाद, सहारा समूह ने अपना बचाव करते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि बताई गई राशि सही नहीं थी। लेकिन आँकड़े जो भी हों, कंपनी का एक-एक पैसा वैध है।
करोड़ों के आभूषण भी बरामद किए गए
गौरतलब है कि बिड़ला और सहारा समूह पर 2013 और 2014 में आयकर विभाग के छापे पड़े थे। छापों के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इन फाइलों की जांच की मांग की थी। 25 अक्टूबर, 2016 को प्रशांत भूषण ने सभी जांच एजेंसियों और काले धन की जांच कर रहे दो पूर्व न्यायाधीशों की विशेष जांच टीम को अपनी शिकायत भेजी थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को अपने निवेशकों का पैसा वापस करने का आदेश दिया था।
आपने छापेमारी की कई कहानियाँ सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको जिस छापेमारी के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे देश की सबसे बड़ी आयकर छापेमारी बताया जा रहा है। इस छापेमारी के दौरान ₹135 करोड़ से ज़्यादा की नकदी ज़ब्त होने का दावा किया गया था। हम बात कर रहे हैं सहारा समूह पर 2014 में हुई छापेमारी की। आयकर विभाग ने नवंबर 2014 में सहारा इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी दिल्ली और नोएडा स्थित दो ठिकानों पर की गई थी। छापेमारी के दौरान ₹135 करोड़ से ज़्यादा की नकदी और आभूषण ज़ब्त किए गए। यह आयकर विभाग द्वारा की गई सबसे बड़ी ज़ब्ती में से एक थी, और ₹1 करोड़ के आभूषण भी बरामद किए गए। इतनी बड़ी रकम देखकर आयकर अधिकारी दंग रह गए।
सहारा समूह पर छापेमारी की कहानी
इस पैसे की ज़ब्ती के बाद, सहारा समूह ने अपना बचाव करते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि बताई गई राशि सही नहीं थी। लेकिन आँकड़े जो भी हों, कंपनी का एक-एक पैसा वैध है।
करोड़ों के आभूषण भी बरामद किए गए।
गौरतलब है कि बिड़ला और सहारा समूह पर 2013 और 2014 में आयकर विभाग के छापे पड़े थे। छापों के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इन फाइलों की जांच की मांग की थी। 25 अक्टूबर, 2016 को प्रशांत भूषण ने सभी जांच एजेंसियों और काले धन की जांच कर रहे दो पूर्व न्यायाधीशों की विशेष जांच टीम को अपनी शिकायत भेजी थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को अपने निवेशकों का पैसा वापस करने का आदेश दिया था।








