मुंबई, 4 मार्च (आईएएनएस)। स्ट्रीमिंग सीरीज ‘जुबली’ और ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में अपने शानदार अभिनय के लिए चर्चित एक्टर सिद्धांत ने अपनी जड़ों और कश्मीर से जुड़े भावनात्मक रिश्ते के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि भले ही उनका स्टेज मुंबई है, लेकिन उनकी रूह जम्मू में बसी है।
जम्मू और कश्मीर से निकटता ने उनके किरदारों पर गहरा प्रभाव डाला है और उन्हें उन भूमिकाओं की ओर खींचा है, जिनमें वह पूरी तरह डूब जाते हैं। सिद्धांत ने बताया, “मेरे दो सबसे महत्वपूर्ण रोल जम्मू से ज्यादा दूर नहीं थे, वहां से गहरा लगाव रहा। ‘जुबली’ में मेरा ब्रेकथ्रू रोल जय खन्ना का था, जो कराची से जुड़ा था, उस समय कराची भारत का हिस्सा था। वहीं, हाल ही में मैंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका निभाई, जो कश्मीर में पैदा हुए थे। साफ है कि हम एक ही राज्य से जुड़े हैं।”
बचपन में कश्मीर की यात्राएं उनके लिए बेहद खास रही हैं। उन्होंने कहा, “बचपन में कश्मीर घूमना मुझे बहुत पसंद था। लेकिन बाद में जब मैंने कश्मीर के इतिहास और वहां के लोगों की दिक्कतों को गहराई से पढ़ा और समझा, तो यह सब और गंभीर हो गया। नेहरू का रोल निभाते वक्त इस क्षेत्र के परतदार और दर्द भरे इतिहास से मेरा जुड़ाव और मजबूत हुआ।”
सिद्धांत ने एक गहरी बात भी कही, “मुझे हैरानी होती है कि क्या कभी कोई फिक्शन या कहानी कश्मीर के लोगों की असलियत और उनके दर्द से पूरी तरह मेल खा पाएगी। वहां का अनुभव इतना गहरा और जटिल है कि कल्पना शायद उसे पूरी तरह बयां नहीं कर पाती।”
उनके लिए अपनी जड़ों से जुड़ाव का सबसे खूबसूरत पल तब आता है, जब उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ होती है। उन्होंने कहा, “ हर बार जब कोई मेरी एक्टिंग की प्रशंसा करता है, मुझे तुरंत अपने घर के मुस्कुराते चेहरे याद आ जाते हैं। जम्मू के वे चेहरे, मेरे परिवार के वो प्यारे लोग, यही मेरे लिए सबसे बड़ा जुड़ाव है।”
–आईएएनएस
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