पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारी अशांति फैल गई है। सोमवार (29 सितंबर) को हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए। 2025 एशिया कप में पाकिस्तान को भारत से करारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं पीओके में हालात और बिगड़ गए हैं। अवामी एक्शन कमेटी (एसीसी) बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसमें हज़ारों लोग पाकिस्तान सरकार के इशारे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद के साथ-साथ सड़क जाम और हड़ताल भी की गई। पाकिस्तान सरकार ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एएसी के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर ने कहा, “हमारा विरोध किसी संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि मौलिक अधिकारों के लिए है। हमारे लोग 70 सालों से अपने अधिकारों से वंचित हैं, लेकिन अब बहुत हो गया। या तो हमें हमारे अधिकार दो, या जनता के गुस्से का सामना करो।”
पीओके में अशांति की असली वजह क्या है?
#BREAKING: Pakistani Forces fire at innocent civilians in Pakistan Occupied Kashmir (PoK). Thousands of civilians are protesting against @CMShehbaz Govt for political subjugation, atrocities, human rights violations and second hand treatment to PoK residents under Pak occupation. pic.twitter.com/uEB6Pf5HfG
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul)
September 29, 2025
अवामी एक्शन कमेटी पिछले कुछ महीनों में काफी चर्चा में रही है। इसके आह्वान पर हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। समिति ने सुधारों की माँग करते हुए एक चार्टर जारी किया है। मुख्य मुद्दों में से एक पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए पीओके विधानसभा की 12 सीटों को खत्म करना है। इसके अलावा, पीओके के लोग भारी महंगाई का सामना कर रहे हैं। आटे से लेकर बिजली और रोज़मर्रा की ज़रूरतों तक, हर चीज़ की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।
शाहबाज़ शरीफ़ की टेंशन बढ़ी, हज़ारों सैन्यकर्मी तैनात
शाहबाज़ शरीफ़ की सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। हज़ारों सैन्यकर्मी सड़कों पर तैनात हैं। पीओके के प्रमुख शहरों में फ़्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं। रविवार रात से विरोध प्रदर्शन बढ़ने लगे। सरकार ने अस्थायी रूप से इंटरनेट बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि 2025 एशिया कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान को भारी अपमान का सामना करना पड़ा था। अब, पाकिस्तान सरकार पीओके में अशांति को लेकर चिंतित है।








