Home व्यापार पैसा ही पैसा! 6 साल में 700% रिटर्न, गिरते-संभलते बाजार में बाजार...

पैसा ही पैसा! 6 साल में 700% रिटर्न, गिरते-संभलते बाजार में बाजार में इस मल्टीबैगर स्टोक ने निवेशको को किया मालामाल

1
0

मल्टीबैगर स्टॉक वो होते हैं जिनमें आपके इन्वेस्टमेंट को कई गुना बढ़ाने की क्षमता होती है। हालांकि, इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। मल्टीबैगर स्टॉक अक्सर छोटी कंपनियां होती हैं जिनके बारे में मार्केट में ज़्यादा चर्चा नहीं होती, इसलिए इन्वेस्टर अक्सर इनके बारे में अनजान रहते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक मल्टीबैगर स्टॉक के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने इन्वेस्टर को अच्छा रिटर्न देकर अमीर बना दिया है। हम बात कर रहे हैं AI स्टॉक Affle 3i की।

शुक्रवार को मार्केट में भारी गिरावट के बीच Affle 3i के शेयर 4% से ज़्यादा उछल गए। FY26 की तीसरी तिमाही में अपने शानदार परफॉर्मेंस के बाद यह स्टॉक इन्वेस्टर की नज़र में रहा है। EBITDA में लगातार 11वीं तिमाही में बढ़ोतरी और Q3 में EBITDA मार्जिन में लगातार सातवीं तिमाही में बढ़ोतरी ने भी इसके स्टॉक पर असर डाला।

दिसंबर तिमाही की कमाई
फरवरी में अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करते हुए, Affle 3i ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ₹718 करोड़ का रेवेन्यू बताया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 19.2 प्रतिशत और पिछली तिमाही की तुलना में 10.9 प्रतिशत ज़्यादा है। इस दौरान EBITDA ₹163 करोड़ था, जो पिछले साल के मुकाबले 24.1 परसेंट और सितंबर तिमाही के मुकाबले 11.6 परसेंट ज़्यादा था।

तीसरी तिमाही में कंपनी का प्रॉफ़िट आफ़्टर टैक्स (PAT) ₹119 करोड़ तक पहुँच गया, जो साल-दर-साल 19.1 परसेंट का सुधार दिखाता है। एक्सचेंज फ़ाइलिंग के मुताबिक, CPU रेवेन्यू ₹714 करोड़ था, जो साल-दर-साल 19.6 परसेंट और तिमाही-दर-तिमाही 12.9 परसेंट की बढ़ोतरी दिखाता है।

कंपनी के सामने चुनौतियाँ
मज़बूत तिमाही नतीजों के बावजूद, कंपनी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी ने कहा कि भारत में रियल मनी गेमिंग रेगुलेशन ने उसके रेवेन्यू परफ़ॉर्मेंस पर बुरा असर डाला है। इसके अलावा, बढ़ी हुई इन्वेंट्री और डेटा कॉस्ट ने भी ग्रॉस मार्जिन पर दबाव डाला। फ़ाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने यह भी कहा कि एजेंसियों से कलेक्शन के दिनों में बढ़ोतरी की वजह से उसके ऑपरेटिंग कैश फ़्लो और प्रॉफ़िट आफ़्टर टैक्स रेश्यो पर कुछ समय के लिए असर पड़ा, जिससे शॉर्ट-टर्म कैश कन्वर्ज़न पर असर पड़ा। कंपनी को जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं से भी रिस्क का सामना करना पड़ रहा है।

एफल ने कहा कि वह इंटरनेशनल मार्केट में ग्रोथ बढ़ाने के लिए डेटा कैपेबिलिटी और एडवरटाइजिंग इन्वेंट्री में एक्टिवली इन्वेस्ट कर रहा है। हालांकि इन इन्वेस्टमेंट से इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल के बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इनसे शॉर्ट-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन पर असर पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here