मुंबई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की नाराज हॉकी टीम वर्ल्ड कप क्वालीफायर के लिए मिस्र के लिए रवाना हो गई है। टीम के पिछले ग्लोबल इवेंट में हुई गलती के लिए हेड कोच पर लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था।
फेडरेशन ने किसी विदेशी कोच का इंतजाम नहीं किया है और इसके बजाय एक पाकिस्तानी कोच को नियुक्त किया है जिस पर 2023 में लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ी टीम के लिए अंतरिम इंतजामों से खुश नहीं हैं।
सूत्रों ने टेलीकॉमएशियाडॉटनेट को बताया, “अम्माद बट की लीडरशिप में पाकिस्तान हॉकी खिलाड़ी टीम के अंतरिम इंतजामों से खुश नहीं हैं क्योंकि वे डचमैन रोलेंट ओल्टमैंस को हेड कोच बनाना चाहते थे, लेकिन नेशनल हॉकी के नए अंतरिम हेड ने ख्वाजा जुनैद को नियुक्त किया, जिन पर 2023 में लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था।”
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरिम अध्यक्ष मोहिउद्दीन वानी ने खिलाड़ियों की बात सुनी, लेकिन उन्हें जुनैद के साथ जाने की सलाह दी, क्योंकि वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए ओल्टमैंस को नियुक्त करने के लिए काफी समय नहीं था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कप्तान अम्माद बट ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से दखल देने के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि वह गृहमंत्री के तौर पर कुछ काम में व्यस्त थे।
सूत्रों ने कहा, “क्योंकि पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) और टीम में अधिकतर नियुक्तियां पॉलिटिकल होती हैं, इसलिए नकवी ने खुद को इससे दूर रखा।
2023 में आठ महीनों तक चली जांच के बाद गठित जांच समिति ने जुनैद को 2022 एशिया कप में राष्ट्रीय टीम के शर्मनाक बाहर होने का जिम्मेदार ठहराया, जिसके चलते उन्हें हॉकी से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया।
जापान के खिलाफ अहम मुकाबले में जुनैद मंजूर द्वारा किया गया बराबरी का गोल मैदान पर एक अतिरिक्त खिलाड़ी की मौजूदगी के कारण रद्द कर दिया गया, जिसके बाद पाकिस्तानी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जापान के पक्ष में 3–2 से आए नतीजे ने एशिया कप से पाकिस्तान के बाहर होने की पुष्टि कर दी, क्योंकि टीम को आगे बढ़ने के लिए कम से कम ड्रॉ की जरूरत थी। इस हार के साथ ही वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने की पाकिस्तान की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं।
चार बार की विश्व चैंपियन पाकिस्तान इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। टीम 2014 और 2022 हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही, जबकि 2010 में भारत में हुए वर्ल्ड कप में वह 12वें और आखिरी स्थान पर रही। 2018 के भारत में आयोजित 16 टीमों वाले टूर्नामेंट में भी पाकिस्तान 12वें स्थान पर ही रहा।
जुनैद पाकिस्तान हॉकी टीम के कोच के तौर पर कई कार्यकाल संभाल चुके हैं, लेकिन वह टीम को किसी बड़े खिताब तक नहीं पहुंचा सके। उनका पीएमएल के नेताओं से करीबी जुड़ाव भी बताया जाता है।
अंतरिम व्यवस्थाएं उस समय की गईं, जब पाकिस्तान टीम कैनबरा में मुश्किल हालात में फंस गई। खिलाड़ियों का आरोप था कि उन्हें उचित होटल में नहीं ठहराया गया। कप्तान बट ने यह भी दावा किया कि खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता हासिल करने में काफी परेशानी हुई और जो राशि मिली, वह विदेशी दौरों के लिए पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड द्वारा स्वीकृत रकम से कम थी।
–आईएएनएस
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