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बबीता से उधार, तो प्रोड्यूसर्स से एडवांस; जब गाड़ी खरीदने के लिए रणधीर कपूर ने जोड़े थे पाई-पाई

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मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। ‘श्री 420’ में बतौर बाल कलाकार अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले रणधीर कपूर किसी परिचय के मोहताज नहीं। राज कपूर के बेटे और पृथ्वीराज कपूर के पौत्र के इतर सिनेमा जगत में उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई।

15 फरवरी 1947 को मुंबई में जन्मे रणधीर कपूर, राज कपूर के सबसे बड़े बेटे हैं। रणधीर की शादी 1971 में अभिनेत्री बबीता से हुई, जिनसे उनकी दो बेटियां करिश्मा कपूर और करीना कपूर खान हैं। रणधीर ने बचपन में ही फिल्मों में काम शुरू किया था। साल 1955 में राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में उन्होंने बच्चे के रूप में छोटी भूमिका निभाई। लेकिन असली शुरुआत 1971 में हुई, जब उन्होंने राज कपूर फिल्म्स की ‘कल आज और कल’ में अभिनय और निर्देशन दोनों किया। इस फिल्म में उनके पिता राज कपूर, दादा पृथ्वीराज कपूर और पत्नी बबीता भी थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

1970 के दशक में रणधीर ने कई हिट फिल्मों में काम किया, इस लिस्ट में ‘जीत’, ‘जवानी दीवानी’, ‘हमराही’, ‘हाथ की सफाई’, ‘रामपुर का लक्ष्मण’ समेत कई फिल्में शामिल हैं। रणधीर रोमांटिक और कॉमेडी रोल्स में खूब पसंद किए गए।

बड़े खानदान के चिराग के पास अफरात धन-संपत्ति होने के बाद भी पहली गाड़ी खरीदने के लिए पाई-पाई जोड़ना पड़ा था। इसका जिक्र उन्होंने खुद कपिल शर्मा के कॉमेडी टीवी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में किया था, जहां अपनी पहली गाड़ी खरीदने का मजेदार और इंस्पायरिंग किस्सा सुनाया था।

रणधीर ने बताया कि राज कपूर ने उन्हें सिखाया कि पैसों की कदर समझनी चाहिए। इसलिए उन्होंने कहा कि पहले बस और ट्रेन से सफर करो, एक्सपीरियंस लो। जब रणधीर डायरेक्टर बनना चाहते थे, तो राज कपूर ने उन्हें लक्ष्मी टंडन के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने भेजा। उन्होंने पांच फिल्मों में काम किया। राज कपूर ने कहा कि अपनी गाड़ी खुद कमाकर लाओ।

रणधीर ने बताया था, “एक्टर बनने के बाद मैं घर की छोटी गाड़ी में बाहर जाता था। एक बार एक भिखारी मेरे पास आया और मजाक उड़ाते हुए कहा कि पिक्चर में तो बड़ी लंबी गाड़ी होती है, तुम ऐसी छोटी गाड़ी में चलते हो? यह सुनकर मेरा दिल टूट गया। घर जाकर मैंने पत्नी बबीता से पैसे मांगे और कहा कि तुम्हारे पास कितने पैसे हैं। कुछ प्रोड्यूसर्स से एडवांस लिया। फिर लेटेस्ट गाड़ी खरीदी। जब मैं पिता राज कपूर के पास ले जाकर गाड़ी दिखाई तो वह बहुत खुश हुए। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा कि और कमाओ और गाड़ियां लो, खूब तरक्की करो।”

रणधीर ने कहा कि मैंने उन्हें सलाह दी कि आप भी ऐसी गाड़ी लीजिए, लेकिन राज कपूर ने मजेदार जवाब देते हुए कहा, “बेटे, मैं बस में भी जाऊंगा तो लोग कहेंगे, ‘राज कपूर बस में बैठा है,’ तो इसकी तुम्हें जरूरत है, मुझे नहीं।”

–आईएएनएस

एमटी/डीएससी

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