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भारतीय महिला टीम ने 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में जीती टी20 सीरीज, श्रेयंका ने इस विकेट को बताया ‘बहुत खास’

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एडिलेड, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल ने ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी खिलाड़ी एलिस पेरी को उनके 350वें इंटरनेशनल मुकाबले में आउट किया। इसे श्रेयंका ने ‘बहुत खास’ पल बताया है। शनिवार को पेरी इस टी20 मैच में सिर्फ 1 ही रन बना सकीं। भारत ने मैच 17 रन से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

श्रेयंका ने इस मुकाबले में 4 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 22 रन देकर 3 विकेट निकाले। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 176 रन बनाए, जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 9 विकेट खोकर 159 रन ही बना सकी। इस नतीजे का मतलब यह भी था कि भारत को 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं की टी20 सीरीज जीतने का मौका मिला। इससे पहले भारत ने 2015/16 में ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 2-1 से टी20 सीरीज अपने नाम की थी। इसके बाद उसे 2019/20 और 2021/22 में शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

श्रेयंका ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जब मैं अपने हाथों को एक खास तरीके से चलते हुए देखती हूं, तो मुझे एक तरह का आत्मविश्वास मिलता है। आज मुझे ऐसा महसूस हुआ, और वह विकेट (पेरी का विकेट) लेने से आपका आत्मविश्वास जरूर बढ़ेगा। असल में जिस चीज ने मुझे ज्यादा खुश किया, वह उनका विकेट लेना था, और इससे मुझे बहुत खास महसूस हुआ क्योंकि यह उसका 350वां मैच था। इसे एलिस पेरी और मैं पक्का याद रखेंगे।”

ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले टूर में श्रेयंका ने सीरीज जीतने को एक बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा, “यह मेरा ऑस्ट्रेलिया का पहला दौरा था, और सीरीज जीतना हमेशा इस टीम का हिस्सा बनने वाले हर किसी के लिए एक खास पल होता है। हम इस एहसास का लुत्फ ले रहे हैं और बस शुक्रगुजार हैं। मैं बस अपनी टीम के लिए इसे जीतना चाहती थी, चाहे मैं किसी भी फेज में बॉलिंग करूं, और बस उस पॉजिटिव इरादे और माइंडसेट की जरूरत थी कि मैं मैदान पर जाकर विकेट खोजूं।”

श्रेयंका ने आगे कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई कंडीशन में बॉलिंग करने का चैलेंज पसंद आया, जहां टर्न कम मिलता था। उन्होंने कहा, “बिल्कुल, स्पिनर्स के लिए यह थोड़ा रिस्की होता है, ज्यादा टर्न नहीं होता। लेकिन मुझे भी ऐसी परिस्थितियां बहुत पसंद हैं, अलग-अलग कंडीशन में गेंदबाजी करना। यह आपको चैलेंज करता है, और आपको एक अलग माइंडसेट, प्लान और इन सबके साथ उतरना होता है। इसलिए मैंने यहां खेले गए दो मुकाबलों का काफी लुत्फ उठाया।”

श्रेयंका ने स्मृति मंधाना (82) और जेमिमा रोड्रिग्स (59) की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा, “उन दोनों को खेलते हुए देखना सच में बहुत शानदार था। विकेटों के बीच दौड़ना, दो-दो रन तेजी से दौड़ना… उन्होंने वह पार्टनरशिप करने में बहुत अच्छा काम किया, और इससे आत्मविश्वास आया और ऋचा ने वहीं से इसे संभाला।”

–आईएएनएस

आरएसजी

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