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भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि; 2,626 स्टेशनों पर हो रहा 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग

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नई दिल्ली, 17 दिसंबर (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस साल नवंबर तक रेलवे ने अपने कामकाज के लिए 898 मेगावाट सौर ऊर्जा संयत्र शुरू कर दिए हैं।

साल 2014 में रेलवे सिर्फ 3.68 मेगावाट सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करता था, जो कि अब बढ़कर 898 मेगावाट हो गया है। इस दौरान सौर ऊर्जा का उपयोग करीब 244 गुना बढ़ गया है।

रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस समय देश के 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे रेलवे के बिजली खर्च में कमी आ रही है और पर्यावरण को भी कम नुकसान हो रहा है।

रेलवे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा के उपयोग की रफ्तार और तेज हुई है। नवंबर तक 318 नए रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा नेटवर्क से जोड़े गए हैं। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाले स्टेशनों की कुल संख्या 2,626 हो गई है।

कुल शुरू की गई सौर ऊर्जा में से 629 मेगावाट का उपयोग ट्रेनों को चलाने के लिए किया जा रहा है। इससे सीधे तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है। बाकी 269 मेगावाट ऊर्जा का उपयोग स्टेशन की लाइट, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे कॉलोनियों के लिए किया जा रहा है।

सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाता है।

मंत्रालय के अनुसार, रेलवे स्टेशनों, इमारतों और रेलवे की जमीन पर लगाए गए सोलर प्लांट भारतीय रेलवे की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। ऐसे कदम यह दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच, भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में शुरू होने के बाद से भारत में रेल यात्रा की परिभाषा बदल दी है। आज देश के बड़े शहरों को जोड़ने वाली 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं।

यह ट्रेनें यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इस बात से समझी जा सकती है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं।

–आईएएनएस

दुर्गेश बहादुर/एबीएस

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