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भारत और ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुसार नए एआई मॉडल तैयार किए जा रहे हैं: मेटा एआई प्रमुख

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नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वांग ने गुरुवार को कहा कि कंपनी इस साल नए एआई मॉडल जारी करेगी, जो भारत और ग्लोबल साउथ की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में बोलते हुए वांग ने कहा, “हम इस साल नए मॉडल जारी कर रहे हैं, जिनमें पहला अगले कुछ महीनों में आएगा। ये मॉडल हमारे उत्पादों के साथ गहराई से जुड़े होंगे, जिसे लेकर हम बेहद उत्साहित हैं।”

उन्होंने कंपनी की दीर्घकालिक सोच को “पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस” बताया – एक ऐसा एआई जो व्यक्ति के लक्ष्यों और रुचियों को समझे और उसे अपने उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करे।

वांग ने कहा, “हम जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उसे लेकर आशावादी हैं। शुरुआती मॉडल अच्छे होंगे, और साल आगे बढ़ने के साथ हम तकनीक की नई सीमाओं को छूने की कोशिश करेंगे।”

उन्होंने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि एआई सिस्टम लोगों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार डिजाइन किए जाने चाहिए।

वांग ने कहा, “मैं नहीं चाहता कि ये शानदार तकनीकें सबके लिए एक जैसी हों। मैं चाहता हूं कि ये आपकी जरूरतों को पूरा करें और भारत और ग्लोबल साउथ की खास चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।”

उन्होंने कहा कि भारत में विश्वस्तरीय डेवलपर्स हैं, जो बड़ी सामाजिक चुनौतियों को हल करने के लिए बेहतरीन तकनीक विकसित कर रहे हैं।

वांग ने आगे कहा, “मैं नहीं चाहता कि ये तकनीकें एक जैसी हों। मैं चाहता हूं कि ये आपकी जरूरतों के अनुसार काम करें – चाहे आप कोई भी हों, कहीं भी रहते हों, कोई भी भाषा बोलते हों या किसी भी संस्कृति से जुड़े हों।”

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एआई इंडिया समिट में विश्व नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि एआई मानव सभ्यता के इतिहास में बड़े बदलावों के समान एक परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि आज जो हम देख और अनुमान लगा रहे हैं, वह इसके प्रभाव की केवल शुरुआती झलक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं: एक, जिन्हें एआई में भय दिखता है और दूसरे, वो जिन्हें एआई में भाग्य दिखता है। उन्होंने कहा कि “मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं, गर्व के साथ कहता हूं कि भारत को एआई में भाग्य दिखता है, भारत को एआई में भविष्य दिखता है।”

–आईएएनएस

डीबीपी/

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