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भारत का सबसे बड़ा हिरण: विशाल कद और ऐसे पैंतरे, जिनके सामने कांपते हैं शिकारी

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के हरे-भरे जंगलों में कई अजीबो-गरीब, विचित्र पशु-पक्षी पाए जाते हैं। ये ताकतवर होने के साथ ही शातिर और कुशल शिकारी भी होते हैं। ऐसा ही एक हिरण पाया जाता है, जिसे भारत का सबसे बड़ा हिरण कहा जाता है। नाम है सांभर हिरण।

सांभर हिरण अपनी ताकत, चालाकी और विशाल कद के कारण खासा मशहूर है। इसे भारत का सबसे बड़ा हिरण माना जाता है। बिहार सरकार का पर्यावरण एवं वन विभाग सांभर हिरण के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। सांभर हिरण का वैज्ञानिक नाम रूसा यूनिकलर है, जो न केवल आकार में बड़ा होता है, बल्कि खतरे में पड़ने पर इसके द्वारा अपनाए जाने वाले पैंतरे भी कमाल के होते हैं, जिसे देखकर शिकारी भी डर जाते हैं।

सांभर का शरीर गहरे भूरे रंग का होता है, जिस पर झबरीले बाल होते हैं। नर सांभर के सींग बड़े, मजबूत और फैलावदार होते हैं, जो इसे अन्य हिरणों से अलग पहचान देते हैं। मादा सांभर नर से छोटी और हल्के रंग की होती है। कंधे तक इसकी ऊंचाई 102 से 160 सेंटीमीटर तक होती है और वजन 100 से 350 किलोग्राम तक होता है। यह 500 किलोग्राम तक भी पहुंच सकता है।

इनके शरीर की लंबाई 2.7 मीटर तक होती है, जबकि पूंछ 22 से 35 सेंटीमीटर लंबी होती है। यह हिरण मुख्य रूप से पत्तियां, झाड़ियां, कोमल घास और वनस्पति खाता है और इन्हें पानी के पास रहना पसंद है। खास बात है कि ये अच्छे तैराक भी होते हैं। इन्हें निशाचर या मायावी भी कहा जाता है क्योंकि ये सुबह की तुलना में शाम और रात के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं।

सांभर हिरण भारत के अलावा नेपाल, भूटान, श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों, ताइवान, सुमात्रा, बोर्नियो समेत दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में पाया जाता है। ओडिशा में इसे राज्य पशु का दर्जा प्राप्त है।

सांभर शाकाहारी होते हैं लेकिन बाघ, तेंदुआ और ढोल जैसे शिकारियों के मुख्य शिकार भी होते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि ये शातिर होते हैं और खतरे का आभास होने पर स्थिर हो जाते हैं और फिर अचानक से तेज आवाज निकालते, पैर पटकते, और अपने गले के बाल को खड़ा कर डरावना रूप धारण कर शिकारी को भय दिखाते हैं। कई बार सांभर उथले पानी में शिकारी पर हमला तक कर देते हैं; यह शिकारियों के हाथ आसानी से नहीं आते और मौत सामने खड़ी देखने के बाद भी पूरी ताकत और दिमाग के साथ लड़ते हैं।

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने साल 2008 से सांभर को ‘संकटग्रस्त’ श्रेणी में रखा है। सांभर घने जंगल, वर्षावन, शुष्क वन और मिश्रित जंगलों में रहता है। इसका क्षेत्र हिमालय की तलहटी से लेकर दक्षिण भारत तक फैला हुआ है।

–आईएएनएस

एमटी/डीएससी

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