भारत की GDP ने एक बार फिर बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की इकोनॉमी ने उम्मीद से कहीं बेहतर परफॉर्म किया, और 8.2% की मजबूत GDP ग्रोथ रेट दर्ज की। यह आंकड़ा इकोनॉमिस्ट के अनुमानों से काफी ज़्यादा है, जो ग्लोबल मुश्किलों के बीच भारतीय इकोनॉमी की मजबूती को दिखाता है।
GDP में उछाल के मुख्य कारण
ज़्यादा खर्च और इन्वेस्टमेंट:
सरकार ने बड़े प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया, जिससे फैक्ट्रियों और मार्केट में काम बढ़ा।
तेज़ी से बढ़ता प्रोडक्शन:
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखी गई।
ग्रामीण डिमांड में सुधार:
त्योहारों की बिक्री और ग्रामीण इलाकों में खर्च करने की ताकत बढ़ने से मार्केट में तेज़ी आई है।
अच्छे GDP आंकड़ों के फायदे
महंगाई को कंट्रोल करने के लिए, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) भविष्य में इंटरेस्ट रेट्स को स्टेबल रख सकता है या बढ़ा सकता है।
बढ़ती इंटरेस्ट रेट्स आपको आपकी सेविंग्स पर ज़्यादा रिटर्न दे सकती हैं। शानदार GDP ग्रोथ से इन्वेस्टर्स को भरोसा होता है कि देश की कंपनियां अच्छा परफॉर्म करेंगी।
आपके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू बढ़ सकती है, लेकिन रिसर्च करना और लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करना ज़रूरी है।
इससे नई नौकरियां पैदा होंगी और मौजूदा नौकरियों में सैलरी बढ़ने की संभावना बढ़ेगी, जिससे आपकी इनकम और सेविंग कैपेसिटी बढ़ेगी।
बढ़ती इकॉनमी रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देती है।








