Home टेक्नोलॉजी भारत के चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स पायलट प्रोडक्शन स्टेज में पहुंचे, आईएसएम 2.0...

भारत के चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स पायलट प्रोडक्शन स्टेज में पहुंचे, आईएसएम 2.0 से मजबूत होगा इकोसिस्टम

1
0

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ओर से देश में अब तक 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी गई है। इसमें से चार प्लांट्स में उत्पादन पायलट स्टेज में पहुंच गया है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की ओर से बुधवार को दी गई।

लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “देश में अब तक केंद्र द्वारा 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी जा चुकी हैं, जिनमें अनुमानित निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपए है और इसमें से चार में उत्पादन शुरू हो चुका है।”

आधिकारिक बयान में आगे कहा गया कि मंजूर प्रोजेक्ट्स में दो फैब और आठ पैकेजिंग यूनिट्स जैसे सीएमओएस (सिलिकॉन) फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, उन्नत पैकेजिंग और मेमोरी पैकेजिंग यूनिट्स शामिल हैं। स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं को समर्थन दिया गया है, जिनमें से 16 ने टेपआउट पूरा कर लिया है और 13 को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त हुई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि 350 विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका उपयोग 65,000 इंजीनियर कर रहे हैं।

सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से 76,000 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें डिजाइन, निर्माण से लेकर असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण और फैब्रिकेशन तक सब कुछ शामिल है।

सरकार ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन पिछले पांच वर्षों में सुधरा है, और 2020-21 से 2024-25 के बीच निर्यात 152 अरब डॉलर से बढ़कर 224.4 अरब डॉलर हो गया है।

मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में कुल आय 196 अरब डॉलर से बढ़कर 283 अरब डॉलर हो गई।

विश्लेषकों का अनुमान है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं के एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और देश का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम काफी मजबूत होगा, जिससे भारत अगली पीढ़ी के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी देश के रूप में स्थापित होगा।

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) योजना से रणनीतिक सामग्रियों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करके भारत की व्यापक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को बल मिलने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एबीएस/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here