नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट ने हाल के वर्षों में फरवरी में सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसमें सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह आंकड़ा पिछले साल फरवरी के 2,890 से बढ़कर इस बार 3,233 पर पहुंच गया। मंगलवार को जारी नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई।
नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से फरवरी के बीच महीने-दर-महीने 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो आमतौर पर इन दो महीनों के बीच देखी जाने वाली 13-16 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेशर (0-3 साल अनुभव) की भर्ती में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं 20 लाख रुपए प्रतिवर्ष से अधिक वेतनमान वाली नौकरियों की मांग में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टर के हिसाब से बीमा क्षेत्र 28 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद बीपीओ/आईटीईएस में 22 प्रतिशत, रियल एस्टेट में 19 प्रतिशत, हॉस्पिटैलिटी/ट्रैवल में 15 प्रतिशत और रिटेल में 14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर में पिछले कुछ तिमाहियों की स्थिरता के बाद 6 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि एआई/एमएल (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग) से जुड़ी नौकरियों में सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई।
आईटी सेक्टर के भीतर 20 लाख प्रति वर्ष से कम वेतन वाले पदों पर भर्ती स्थिर रही। वहीं 20 लाख प्रति वर्ष से अधिक वेतनमान वाले पदों में वार्षिक आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 50 लाख प्रति वर्ष से अधिक वेतनमान वाले पदों में 45 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई।
इस दौरान आईटी सेक्टर में फ्रेशर भर्ती 8 प्रतिशत बढ़ी। भारतीय आईटी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) में सालाना आधार पर 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि आईटी के भीतर एआई/एमएल भर्ती 40 प्रतिशत बढ़ी। कुल मिलाकर फ्रेशर भर्ती में बढ़ोतरी का नेतृत्व गैर-आईटी सेक्टर ने किया।
नौकरी के चीफ बिजनेस ऑफिसर डॉ. पवन गोयल के अनुसार, 23 प्रतिशत की महीने-दर-महीने वृद्धि आईटी सेक्टर में सार्थक सुधार और भारतीय एमएनसी द्वारा एआई में मजबूत निवेश को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले जो रफ्तार दिख रही है, वह वाकई मजबूत और सकारात्मक संकेत देती है।”
बीपीओ/आईटीईएस में भर्ती 48 प्रतिशत बढ़ी, बीमा में 42 प्रतिशत, रिटेल में 39 प्रतिशत और हॉस्पिटैलिटी में 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं 20 लाख रुपए से अधिक वेतन वाले फ्रेशर्स पदों में 30 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखी गई।
13-16 साल के अनुभव वाले पेशेवरों की मांग में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
भारतीय एमएनसी ने कुल मिलाकर 24 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ भर्ती का विस्तार किया। एआई/एमएल क्षेत्र में भारतीय एमएनसी ने 82 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जबकि विदेशी एमएनसी में यह वृद्धि 43 प्रतिशत रही।
–आईएएनएस
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