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भारत के संस्थागत निवेशक क्षेत्र में दो वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में 69 प्रतिशत का उछाल : रिपोर्ट

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नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में पिछले दो वर्षों में संस्थागत निवेशक क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या में 69 प्रतिशत की शानदार वृद्धि देखी गई है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

भारत के बाजार पूंजीकरण में पिछले एक दशक के दौरान वृद्धि दर्ज हुई है, जो 1.2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 5.2 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। इस वृद्धि ने संस्थागत निवेशक क्षेत्र में विस्तार को बढ़ावा दिया है।

निवेशक क्षेत्र की 80 कंपनियों के 16,000 से अधिक अधिकारियों पर आधारित सीआईईएल एचआर सर्विसेज की रिपोर्ट जेंडर डायवर्सिटी, फर्म में कार्यकाल, मांग में भूमिका और करियर की प्रगति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में इनसाइट पेश करती है।

इसमें दिखाया गया है कि फंड मैनेजर, पोर्टफोलियो मैनेजर और वरिष्ठ विश्लेषकों सहित 83 प्रतिशत पेशेवरों को बाहरी रूप से नियुक्त किया गया था, जबकि केवल 17 प्रतिशत को संगठनों के भीतर से पदोन्नत किया गया था।

यह इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए भीतरी करियर प्रगति के इर्द-गिर्द अपनी प्रैक्टिस को इनोवेट करने और अपने कार्य वातावरण को बेहतर बनाने का अवसर प्रस्तुत करता है, जिससे उनकी प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलता है।

इस क्षेत्र ने वर्कफोर्स डायवर्सिटी में प्रगति की है, जिसमें ओवरऑल वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 27 प्रतिशत है। हालांकि, नेतृत्व की भूमिकाओं में प्रतिनिधित्व एक चुनौती बना हुआ है, जिसमें महिलाओं के पास वरिष्ठ पदों का केवल 14 प्रतिशत हिस्सा है।

सीआईईएल एचआर के कार्यकारी निदेशक और अध्यक्ष के. पंडियाराजन ने कहा, “2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत इसके बढ़ते बाजार आकार और इसके वित्तीय परिदृश्य में हो रहे तेज बदलाव का एक प्रमाण है। अगले पांच वर्षों में 6.1 प्रतिशत की अपेक्षित वृद्धि दर और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की स्थिति के साथ भारत का संस्थागत निवेशक क्षेत्र इस विकास में सबसे आगे है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव हो रहा है, जिसमें पहले से स्थापित प्लेयर्स और नए प्रवेशकर्ता दोनों ही निवेश रणनीतियों और फाइनेंशियल प्रोडक्ट में इनोवेशन को आगे बढ़ा रहे हैं। यह गतिशील वृद्धि संस्थागत निवेशकों के लिए भारत और वैश्विक स्तर पर उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण समय का संकेत देती है।”

इसके अलावा, रिपोर्ट से पता चला है कि संस्थागत निवेशकों के क्षेत्र में लगभग 25 प्रतिशत वर्कफोर्स ने पिछले वर्ष में नौकरी बदली है, जो उद्योग की गतिशील और प्रतिस्पर्धी प्रकृति पर जोर देता है।

–आईएएनएस

एसकेटी/एबीएम

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