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भारत को निर्यात बढ़ाने के लिए मानव निर्मित फाइबर क्षमताओं को बढ़ाना होगा : एक्सपर्ट्स

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नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में एक मजबूत और टिकाऊ फाइबर इकोसिस्टम की आवश्यकता है। साथ ही, पॉलिएस्टर उत्पादन में चीन के वैश्विक प्रभुत्व को समाप्त करने के लिए मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक दूरदर्शी रणनीति अपनाना होगा, यह बयान एक्सपर्ट की ओर से बुधवार को दिया गया।

नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन (एनटीटीएम) के निदेशक अशोक मल्होत्रा ​​के कहा, भारत के लिए एमएमएफ को आगे बढ़ाना जरूरी है। इसका लक्ष्य वैश्विक प्रतिस्पर्धा हासिल करने के लिए बाजार में पहुंच बढ़ाना है।

पीएचडीसीसीआई कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मल्होत्रा ​​ने टेक्निकल टेक्सटाइल में भारत की क्षमता और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और एडवांस एप्लीकेशन की खोज के लिए एनटीटीएम की पहल के बारे में बताया।

पीएचडीसीसीआई टेक्सटाइल कमेटी के अध्यक्ष और फिलाटेक्स इंडिया लिमिटेड के सीएमडी मधु सुधन भगेरिया ने कहा कि देश को एक मजबूत और टिकाऊ फाइबर इकोसिस्टम की आवश्यकता है।

आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने कहा कि वैश्विक स्तर पर एमएमएफ का बाजार बढ़ रहा है और भारत को महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एमएमएफ फाइबर आधार को बढ़ाना होगा। साथ ही कहा कि निजी क्षेत्र के इनोवेशन को सरकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस पीएचडीसीसीआई कॉन्फ्रेंस में 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रतिष्ठित वक्ताओं के साथ चर्चा की और ज्ञान साझा किया।

यह कॉन्फ्रेंस संवाद और सहयोग के लिए एक जरूरी मंच के रूप में कार्य करेगी, जिससे भारत के एमएमएफ क्षेत्र में रणनीतिक प्रगति और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और वैश्विक वस्त्र क्षेत्र में देश की स्थिति मजबूत होगी।

भारत दुनिया के शीर्ष टेक्सटाइल निर्यातक देशों में से एक है और देश की ग्लोबल टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात में लगभग 4 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

सरकारी डेटा के मुताबिक, टेक्सटाइल और अपैरल का निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2024 में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत बढ़ा है। साथ ही कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और यूके की वित्त वर्ष 2023-24 के कुल निर्यात में हिस्सेदारी 53 प्रतिशत थी।

–आईएएनएस

एबीएस/

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