नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका में भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का मैच खेला जा रहा है। इस मैच को लेकर देश में सियासी बयानबाजी जारी है। मैच के दौरान दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया। इस पर तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भारत-पाकिस्तान मैच पर कहा कि जिसके साथ देश की 140 करोड़ जनता खड़ी हो, उसकी जीत तय है। पाकिस्तान हर क्षेत्र में भारत से मुंह की खाता है, चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो या कोई अन्य क्षेत्र। अब तो पाकिस्तान के लोग भी पाकिस्तान के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकारों को देशहित में सोचना चाहिए। जनता आज जिस तरह भारत के साथ खड़ी है, भारत की जीत तय है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हाथ नहीं मिलाएंगे, लेकिन पूरा मैच खेलेंगे। छोटी-छोटी बातें करके हम मैच नहीं खेलेंगे, हम बैन लगा देंगे, हम उनके हाथ से ट्रॉफी नहीं लेंगे, लेकिन खेल पूरा खेलेंगे और फायदा पूरा लेंगे- ये सब क्या है? पहलगाम, लाल किला और अन्य आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के ऊपर ये खेल खेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा गया था कि हम आतंकवाद को लेकर कोई बातचीत नहीं करेंगे। आतंकवाद के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे, लेकिन क्रिकेट खेला जाएगा। मैं मांग करती आ रही हूं कि जब किसी प्लेटफॉर्म पर उनके साथ बातचीत नहीं है तो क्रिकेट क्यों खेला जा रहा है? इस मैच से पहले हमने पूरा ड्रामा देखा।
तेज प्रताप यादव ने भी भरोसा जताया कि भारत की जीत होने वाली है। उन्होंने कहा कि आज महाशिवरात्रि है। खिलाड़ी खेलते रहें और भगवान में भी आस्था रखें।
राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने कहा कि खेल में किसी तरह की दुश्मनी नहीं होनी चाहिए। सभी खिलाड़ी दुश्मनी से ऊपर उठकर खेल भावना से खेलते हैं। सौहार्दपूर्ण माहौल बनना चाहिए और मन की कटुता दूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंसा से कुछ नहीं होता, अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए।
–आईएएनएस
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