मुंबई, 13 फरवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग ने शहर की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच लगातार इस मामले की जांच कर रही है और हर नए खुलासे से मामला और पेचीदा होता जा रहा है। इस कड़ी में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनसे यह साफ है कि फायरिंग के पीछे एक संगठित साजिश थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि फायरिंग के वक्त शूटर अकेला नहीं था। उसके साथ बिश्नोई गैंग का एक अन्य गुर्गा मौजूद था, जो लगातार इलाके पर नजर बनाए हुए था। फायरिंग के तुरंत बाद दोनों आरोपी एक साथ मौके से भाग निकले।
पुलिस ने रोहित शेट्टी के घर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे दोनों आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। तस्वीरें और वीडियो पुलिस के पास हैं, लेकिन 13 दिन बीतने के बाद भी शूटर और उसका साथी अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि फायरिंग करने के बाद दोनों आरोपी कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर मुंबई से बाहर भाग गए। दोनों आरोपियों ने पहले विले पार्ले स्टेशन और वहां की ट्रेनों के बारे में जानकारी हासिल की, लेकिन ट्रेन न मिलने पर उन्होंने प्राइवेट परिवहन का इस्तेमाल किया और सीधे कल्याण स्टेशन पहुंचे। वहां से उन्होंने एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर महाराष्ट्र की सीमा पार की।
पुलिस अभी तक यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन कहां जा रही थी और आरोपी अब कहां हैं।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के नेपाल के रास्ते देश के बाहर जाने की संभावना को देखते हुए कई टीमों को इस क्षेत्र में तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले में लगातार सबूत इकट्ठा कर रही है, ताकि शूटर और उसके साथियों को जल्द पकड़ा जा सके।
–आईएएनएस
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