गॉसिप न्यूज़ डेस्क – करण अर्जुन से मशहूर हुईं पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी अब किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बन गई हैं। अभिनेत्री के महामंडलेश्वर बनने पर सवाल भी उठ रहे हैं। हाल ही में ट्रांसजेंडर कथावाचक जगतगुरु हिमांगी सखी ने ममता के महामंडलेश्वर बनने पर आपत्ति जताई है। ममता कुलकर्णी 25 साल बाद अपने देश लौटी हैं और वह भी संन्यासी बनने के लिए। कुंभनगरी में संन्यास लेने के बाद ममता को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया। हालांकि विवादित अभिनेत्री के महामंडलेश्वर बनने पर कई लोग नाराज हैं। हिमांगी सखी ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में नाराजगी भी जताई है और कहा है कि किन्नर अखाड़े ने पब्लिसिटी के लिए ममता को महामंडलेश्वर बनाया है।
क्या पब्लिसिटी के लिए ममता कुलकर्णी महामंडलेश्वर बनीं?
एएनआई से बात करते हुए हिमांगी सखी ने कहा, “ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े ने पब्लिसिटी के लिए महामंडलेश्वर बनाया है। समाज उनके अतीत को अच्छी तरह जानता है। वह पहले भी ड्रग मामले में जेल जा चुकी हैं। अचानक वह भारत आती हैं, महाकुंभ में हिस्सा लेती हैं और उन्हें महामंडलेश्वर का पद दे दिया जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए।”

ममता कुलकर्णी पर फूटा गुस्सा
हिमांगी सखी ने ममता कुलकर्णी को गुरु पद के लिए अयोग्य बताया है। उन्होंने कहा, “ऐसे व्यक्ति को महामंडलेश्वर की उपाधि देकर आप सनातन धर्म को कैसा गुरु दे रहे हैं? यह नैतिकता का सवाल है। जो व्यक्ति गुरु कहलाने के लायक नहीं है, उसे गुरु बनाया जा रहा है।” आपको बता दें कि 2014 में ममता का नाम ड्रग्स मामले में आया था। इसके चलते उन्हें हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें इस मामले से मुक्त कर दिया गया था।

ममता कुलकर्णी का नाम बदला
24 जनवरी को ममता कुलकर्णी ने संगम घाट पर पिंडदान किया और उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया। महामंडलेश्वर बनने के बाद उनका नाम भी बदल दिया गया है। अब उन्हें यमई ममता नंद गिरि कहा जाएगा। मालूम हो कि उन्होंने 2000 के दशक में फिल्मी दुनिया छोड़ दी थी और भारत छोड़कर विदेश चली गई थीं। महाकुंभ के मौके पर वे 25 साल बाद देश लौटी हैं।






