दुनिया सिर्फ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में ही नहीं आ रही है, बल्कि एक साथ कई बड़ी टेक्नोलॉजिकल क्रांतियों की कगार पर भी है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि टेक्नोलॉजिकल बदलाव बहुत जल्द होने वाले हैं, जो पूरे जॉब सेक्टर को बदल सकते हैं। इंडिया टुडे एजुकेशन कॉन्क्लेव में बोलते हुए प्रोफेसर दिनेश सिंह ने बताया कि भविष्य में सिर्फ़ AI ही नहीं, बल्कि क्वांटम कंप्यूटिंग और न्यूक्लियर फ्यूजन भी आएंगे। इसलिए, जो कोई भी इन टेक्नोलॉजी को सीखेगा, उसे बहुत फ़ायदा होगा। तो, आइए जानते हैं कि ये टेक्नोलॉजी क्या हैं और ये भविष्य को कैसे बदलेंगी।
क्वांटम कंप्यूटिंग?
आज हम जो कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं, वे बिट्स पर काम करते हैं, मतलब 0 और 1। लेकिन, क्वांटम कंप्यूटिंग इस पूरी परिभाषा को बदल देती है। इसमें इस्तेमाल होने वाले क्यूबिट्स सुपरपोजिशन की वजह से एक साथ 0 और 1 दोनों हो सकते हैं, जिससे कंप्यूटिंग स्पीड लाखों गुना बढ़ जाती है। एक क्वांटम कंप्यूटर सेकंडों में ऐसे कैलकुलेशन कर सकता है जिनमें मौजूदा सुपरकंप्यूटरों को सालों लग जाते हैं। इसीलिए इसे बैंकिंग सिक्योरिटी, साइबर डिफेंस, ड्रग डिस्कवरी, वेदर फोरकास्टिंग और स्टॉक मार्केट जैसे सेक्टर्स में गेम-चेंजर माना जाता है।
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इंडिया भी इस रेस में हिस्सा ले रहा है और नेशनल क्वांटम मिशन के तहत लगातार काम कर रहा है। अभी क्वांटम एक्सपर्ट्स की संख्या बहुत कम है, और भविष्य में यह ज़्यादा सैलरी वाली नौकरियों वाले सेक्टर्स में से एक बन सकता है। खास बात यह है कि इस फील्ड में स्किल्ड लोगों को बहुत ज़्यादा सैलरी मिलेगी।
न्यूक्लियर फ्यूजन
न्यूक्लियर फ्यूजन वही प्रोसेस है जिससे सूरज एनर्जी बनाता है। धरती पर इसके इस्तेमाल की तैयारी अब तेज़ हो रही है, और अगर यह सफल रहा, तो यह एनर्जी सेक्टर में क्रांति ला सकता है। 2022 में, US NIF ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जहाँ फ्यूजन रिएक्शन से नेट एनर्जी गेन (रिएक्शन से ज़्यादा आउटपुट) हुआ, हालाँकि पूरे सिस्टम में इनपुट अभी भी ज़्यादा था। इसके बाद, US, चीन, यूरोप और UK ने इस टेक्नोलॉजी में इन्वेस्टमेंट को और तेज़ कर दिया है। इससे इस सेक्टर की जानकारी रखने वालों की ज़िंदगी में काफी बदलाव आ सकता है।
डेटा इंटेलिजेंस
AI अपनाने वाली कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ सालों में, AI कंपनियों का एक अहम हिस्सा बन गया है। हाल की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कुछ टेक कंपनियाँ AI में इतना पैसा लगा रही हैं कि यह कई देशों के बजट के बराबर है। इसलिए, AI एक्सपर्ट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है और यह भविष्य में बहुत ज़रूरी साबित हो सकता है। कई सेक्टर्स में, AI स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स ट्रेडिशनल रोल्स से दो से तीन गुना ज़्यादा सैलरी कमा रहे हैं।







