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सेना होगी और भी ज्यादा खतरनाक! भारत खरीद रहा दुनिया की पहली कंप्यूटरीकृत राइफल, जाने कैसे करती है काम ?

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भारत दुनिया की पहली कंप्यूटराइज्ड राइफल टेक्नोलॉजी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारतीय एजेंसियों ने इज़राइल वेपन इंडस्ट्रीज़ (IWI) के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जो इज़राइल की एक जानी-मानी हथियार बनाने वाली कंपनी है। यह टेक्नोलॉजी दावा करती है कि यह युद्ध के दौरान सैनिकों की फायरिंग पावर, सटीकता और फैसला लेने की काबिलियत को एक नए लेवल पर ले जाएगी।

अर्बेल कंप्यूटराइज्ड वेपन सिस्टम क्या है?
IWI द्वारा डेवलप किया गया अर्बेल सिस्टम, दुनिया का पहला पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड फायर-कंट्रोल सिस्टम माना जाता है। यह एडवांस्ड सेंसर, रियल-टाइम बैलिस्टिक कैलकुलेशन और स्मार्ट टारगेट-एक्विजिशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है ताकि सैनिक किसी भी मुश्किल हालात में ज़्यादा सटीकता हासिल कर सकें। एडवांस्ड MEMS एल्गोरिदम हथियार की मूवमेंट, ट्रिगर स्टेटस और टैक्टिकल स्थिति को माइक्रोसेकंड में पढ़ता है, और सैनिक के लिए सबसे अच्छा फायरिंग सॉल्यूशन तैयार करता है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि ट्रिगर खींचने के बाद, सिस्टम अगली गोली तभी चलाएगा जब हिट होने की संभावना सबसे ज़्यादा होगी।

किसी भी छोटे हथियार में इस्तेमाल किया जा सकता है
अर्बेल को किसी भी छोटे हथियार प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट किया जा सकता है। इसे काम करने के लिए किसी खास ऑप्टिकल मॉड्यूल की ज़रूरत नहीं होती, जिससे यह सिस्टम और भी ज़्यादा फ्लेक्सिबल और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए सही हो जाता है।

IWI और भारत के मज़बूत रिश्ते
भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ सालों में IWI के कई हथियार अपनाए हैं, जिनमें टैवोर TAR-21, IWI X95 असॉल्ट राइफल, गैलिल सीरीज़ की स्नाइपर राइफलें और नेगेव NG-7 लाइट मशीन गन शामिल हैं। हाल ही में, भारतीय सेना के लिए हजारों नेगेव LMG भी खरीदे गए हैं। IWI के CEO शूकी श्वार्ट्ज ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत के साथ पार्टनरशिप लगातार मज़बूत हुई है। उन्होंने मेक इन इंडिया पहल में शुरुआती पार्टनर होने पर गर्व जताया और कहा कि कंपनी ने भारत में बैरल बनाना भी शुरू कर दिया है।

गहरी टेक्नोलॉजिकल पार्टनरशिप की तैयारी
IWI का कहना है कि वह भारत की ज़रूरतों और भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से और भी एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल सहयोग देने के लिए तैयार है। कंपनी का मानना ​​है कि भारतीय बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और भविष्य में सहयोग और विस्तार के मौके और भी मज़बूत होंगे। इन बातचीत से भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमताओं को एक नए युग में ले जाने की संभावना है।

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