केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंज़ूरी दे दी। इस फ़ैसले से 50 लाख से ज़्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 69 लाख से ज़्यादा पेंशनभोगियों को फ़ायदा होगा। 8वां वेतन आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफ़ारिशें पेश करेगा।
अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल को लिए गए फ़ैसलों की जानकारी देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। वैष्णव ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र के कर्मचारी पक्ष के साथ परामर्श के बाद संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप दिया गया है।
वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में होता है
केंद्र सरकार ने जुलाई में संसद को सूचित किया था कि उसने 8वें वेतन आयोग के गठन पर रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और राज्यों सहित प्रमुख हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने तब कहा था कि सरकार द्वारा वेतन आयोग की सिफ़ारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद उन्हें लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए हर 10 साल में एक वेतन आयोग का गठन करती है। 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को इसके सदस्य नियुक्त किया गया है।








