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सरकार ने क्यों वापिस लिया Sanchar Saathi App के प्री-इंस्टॉलेशन का आदेश ? जानें क्या ट्रैक होता है और क्या नहीं, यहाँ जाने हर सवाल का जवाब

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देश भर के स्मार्टफोन में “संचार साथी” ऐप के प्री-इंस्टॉल होने की खबर के बाद, लोगों के बीच एक बड़ा सवाल उठा: क्या यह ऐप फोन प्राइवेसी पर असर डालेगा? क्या सरकार मोबाइल डेटा एक्सेस कर पाएगी? क्या ऐप को हटाया जा सकता है? सबसे बड़ी खबर: सरकार ने प्री-इंस्टॉलेशन ऑर्डर वापस ले लिया है। हालांकि, ऐप को लेकर कन्फ्यूजन दूर करने के लिए, सरकार ने एक ऑफिशियल क्लैरिफिकेशन + Q&A डॉक्यूमेंट जारी किया है। इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि ऐप कैसे काम करता है, इसके लिए किन परमिशन की जरूरत है और किनकी नहीं, और यह यूजर्स को कैसे फायदा पहुंचाता है।

खबर को शॉर्ट में समझें:
सरकार ने कहा है: संचार साथी ऐप सिर्फ फ्रॉड रोकने के लिए है, सर्विलांस के लिए नहीं। आप चाहें तो ऐप डिलीट कर सकते हैं। ऐप आपकी परमिशन के बिना कुछ भी एक्सेस नहीं करता है।

Q1. अगर ऐप प्री-इंस्टॉल है, तो इसे कैसे डिलीट किया जा सकता है?
सरकार का जवाब:

स्मार्टफोन कंपनियों को सिर्फ यह बताया गया था कि ऐप फोन पर दिखना चाहिए, लेकिन अब यह ऑर्डर वापस ले लिया गया है।
इसका मतलब यह नहीं है कि यूजर ऐप को हटा नहीं सकता।
ऐप डाउनलोड करना है या नहीं, यह आपकी मर्ज़ी है।
यूज़र जब चाहे ऐप को डिलीट कर सकता है।
ऐप इंस्टॉल करना अब कंपनियों की ज़िम्मेदारी नहीं है; उन्हें रखना या हटाना यूज़र की मर्ज़ी है।

सवाल 2. ऐप इतनी सारी परमिशन क्यों मांगता है? क्या यह प्राइवेसी के लिए खतरा है?
सरकार का जवाब:

बेसिक परमिशन (सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन के लिए)
कॉल करना और मैनेज करना: सिर्फ़ यह देखने के लिए कि SIM एक्टिव है या नहीं। कोई और इस्तेमाल नहीं।
SMS भेजना: रजिस्ट्रेशन के लिए एक बार का SMS, जैसा UPI या बैंकिंग ऐप में होता है। ये बेसिक परमिशन इन चीज़ों के लिए ज़रूरी हैं:
यह पता लगाने के लिए कि आपके नाम पर कितने मोबाइल नंबर हैं
धोखाधड़ी वाले +91 इंटरनेशनल कॉल की रिपोर्ट करने के लिए
एडवांस परमिशन (सिर्फ़ आपकी इजाज़त से):
कैमरा: IMEI की फ़ोटो लेने के लिए (अगर आप चाहें)
स्क्रीनशॉट अपलोड: धोखाधड़ी वाले कॉल/SMS का स्क्रीनशॉट भेजने के लिए
और सबसे ज़रूरी बात:
जब तक आप इजाज़त न दें, ऐप कॉन्टैक्ट, माइक्रोफ़ोन, लोकेशन, ब्लूटूथ, फ़ोटो, फ़ाइलें—कुछ भी एक्सेस नहीं करता।
यूज़र किसी भी समय परमिशन हटा सकता है और ऐप को अनइंस्टॉल कर सकता है।

Q3. क्या ऐप सर्विलांस करता है?
सरकार का जवाब:
बिल्कुल नहीं।
ऐप के पास आपके माइक्रोफ़ोन या लोकेशन का एक्सेस नहीं है।
ऐप चुपचाप कोई डेटा इकट्ठा नहीं करता।
यह सिर्फ़ उस डेटा का इस्तेमाल करता है जिसकी आप उस समय की गई कार्रवाइयों के लिए इजाज़त देते हैं।
Android और iOS दोनों ने ऐप की सिक्योरिटी को रिव्यू और मंज़ूरी दे दी है।

Q4. क्या यह कदम कानूनी तौर पर सही है? सरकार का जवाब:
हाँ, ये गाइडलाइंस टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स 2024 और टेलीकम्युनिकेशन्स एक्ट 2023 के तहत जारी की गई हैं।
ये कानून नागरिकों की सुरक्षा और टेलीकॉम नेटवर्क को फ्रॉड से बचाने के लिए बनाए गए हैं।

Q5. क्या ऐप के फायदे संभावित प्राइवेसी रिस्क से ज़्यादा हैं?
सरकार का जवाब:
सरकार का कहना है कि कोई प्राइवेसी रिस्क नहीं है।
इसके उलट, ऐप ने अहम नतीजे दिए हैं:
संचार साथी के अहम नतीजे:
14.3 मिलियन नकली/अनऑथराइज़्ड मोबाइल कनेक्शन काटे गए
2.6 मिलियन चोरी/खोए हुए फोन ट्रेस किए गए
72.3 मिलियन फोन रिकवर किए गए
620,000 फ्रॉड-लिंक्ड IMEI ब्लॉक किए गए
₹475 करोड़ का फ्रॉड-लॉस प्रिवेंशन
रोज़ाना 2,000+ फ्रॉड कॉल/SMS रिपोर्ट
14 मिलियन से ज़्यादा लोगों ने ऐप इस्तेमाल किया है। (ये सवाल-जवाब सीधे PIB डॉक्यूमेंट से लिए गए हैं, लेकिन आसान भाषा में समझाए गए हैं।)

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