बिज़नेस न्यूज़ डेस्क – इस बार का बजट बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए मेक या ब्रेक वाला है। बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों ही मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था में जहां सुस्ती है, वहीं बाजार पिछले 4 महीनों से करेक्शन के दौर से भी गुजर रहा है। मांग में कमी की वजह से लगातार दो तिमाहियों से ज्यादातर कंपनियों के नतीजे भी कमजोर रहे हैं। ऐसे में बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों ही बजट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। दोनों ही बजट से बूस्टर डोज का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार बजट में कैपेक्स और मांग बढ़ाने के लिए कई फैसले ले सकती है। साथ ही मिडिल क्लास को राहत देने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। इन उम्मीदों के बीच सवाल ये है कि अगर बजट में राहत भरे फैसले होते हैं तो किन शेयरों के जरिए सबसे ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है। आपकी इसी परेशानी को सुलझाने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ फंडामेंटल एक्सपर्ट्स का एक बड़ा पैनल जुड़ा है, जो बताएगा अपने BIG BUDGET BETS। इस पैनल में मार्केटस्मिथइंडिया के मयूरेश जोशी, एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के गौरांग शाह, मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बद्योपाध्याय, अंबरीश बालिगा, ट्रैकोम स्टॉक ब्रोकर्स के पार्थिव शाह, एयूएम कैपिटल के राजेश अग्रवाल और जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के आशीष चतुरमोहता शामिल हैं।
मयूरेश जोशी की बजट पिक
मयूरेश जोशी की बजट पिक EMUDHRA है। कंपनी देश-विदेश में पेपरलेस ट्रांसफॉर्मेशन पर काम करती है। यह सरकार और बैंकों के लिए काम करती है। डिजिटलीकरण से कंपनी को बड़ा फायदा होगा। कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। मयूरेश का मानना है कि यह शेयर 1 साल में 20 फीसदी रिटर्न दे सकता है। वह मौजूदा स्तरों से शेयर खरीदने की सलाह देते हैं। स्टॉपलॉस के तौर पर 50 डीएमए रखें।
सनी अग्रवाल की बजट पिक
सनी अग्रवाल को टीटागढ़ वैगन पसंद है। उनका कहना है कि यह शेयर अगले 1 साल में 1300 रुपये का लक्ष्य देख सकता है। टीटागढ़ वैगन में सालाना 300 कोच बनाने की क्षमता है। कंपनी इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन उपकरण भी बनाती है। कंपनी को 14,560 वैगन, 1592 मेट्रो, वंदे भारत कोच के ऑर्डर मिले हैं। 12,200 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। इसका वैल्यूएशन भी अच्छा है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के गौरांग शाह की बजट पिक
गौरांग शाह ने 1 साल के लिए 3,550 रुपये के लक्ष्य के लिए M&M को खरीदने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अब तक नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। आगे भी कंपनी के नतीजे अच्छे रहेंगे। बजट में और उसके बाद भी ऑटो सेक्टर के लिए अच्छी पॉलिसी संभव है। नतीजों को स्थानीय बाजार और निर्यात दोनों से सपोर्ट मिलेगा। नए लॉन्च से कंपनी को बड़ा मार्केट शेयर हासिल करने में मदद मिलेगी।
सुदीप बंद्योपाध्याय की बजट पिक
सुदीप बंद्योपाध्याय ने BEL को खरीदने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इस शेयर को 1 साल के लिए 350 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदना चाहिए। कंपनी को डिफेंस में मेक इन इंडिया से बड़ा फायदा मिलेगा। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है। कंपनी की निष्पादन क्षमता बेहतरीन है।
राजेश अग्रवाल की बजट पिक
राजेश अग्रवाल BEML को खरीदने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए आवंटन बढ़ सकता है। कंपनी डिफेंस, माइनिंग और मेट्रो रेल सेगमेंट में है। इसकी ऑर्डर बुक बेहतरीन है। कंपनी क्षमता विस्तार पर फोकस कर रही है। कंपनी ने FY25 के लिए 20 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस दिया है।
पार्थिव शाह की बजट पिक
पार्थिव शाह L&T में निवेश की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि इस साल सरकारी पूंजीगत खर्च बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के पास 5.10 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। इंजीनियरिंग सर्विसेज और डिफेंस से भी कंपनी को ऑर्डर बढ़ने की उम्मीद है। लॉन्ग टर्म के लिए यह शेयर बेहतर है। L&T इंफ्रा स्पेस में दिग्गज कंपनी है।
अंबरीश बालिगा की बजट पिक
अंबरीश बालिगा ने 1150 रुपये के लक्ष्य पर रामकृष्ण फोर्जिंग्स को खरीदने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बजट में इंफ्रा और रेलवे पर फोकस संभव है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी फोर्जिंग कंपनी है। कंपनी ऑटो, रेलवे, फार्म इक्विपमेंट और मूविंग-माइनिंग स्पेस में काम करती है। कंपनी के पास 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। यह सोलर पावर प्लांट्स में निवेश कर रही है। सब्सिडियरी के पास 11 प्लांट्स हैं। कंपनी के करीब 247 ग्राहक हैं।
आशीष चतुरमोहता की बजट पिक
आशीष चतुरमोहता ने 350 रुपये के लक्ष्य पर पिरामल फार्मा को खरीदने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सीडीएमओ स्पेस में कंपनी का कारोबार साल 2028 तक दोगुना हो सकता है। कंपनी के कारोबार में सीडीएमओ स्पेस का अच्छा योगदान है। अमेरिका में बायोटेक सेक्टर में अच्छी ग्रोथ संभव है। कंज्यूमर हेल्थकेयर से भी अच्छे रेवेन्यू की उम्मीद है। सीडीएमओ स्पेस में मार्जिन में सुधार होगा और कर्ज की चिंता दूर होगी।








