जैसे-जैसे बजट 2026 की तारीख नज़दीक आ रही है, आम लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं। नौकरीपेशा लोगों, मिडिल क्लास और टैक्सपेयर्स को केंद्र सरकार के इस साल के बजट से बहुत उम्मीदें हैं, क्योंकि हर कोई बचत और खर्च के फैसलों को लेकर सरकार से राहत चाहता है।
इसके अलावा, इस साल का केंद्रीय बजट अपने आप में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि यह मौजूदा इनकम टैक्स कानूनों के तहत पेश किया जाने वाला आखिरी बजट होगा। सरकार 1 अप्रैल, 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू करने की तैयारी कर रही है, जो पिछले 60 सालों से चले आ रहे टैक्स कानूनों की जगह लेगा। आइए जानते हैं कि आम आदमी को सरकार के बजट से अलग-अलग मोर्चों पर क्या उम्मीदें हैं…
होम लोन पर टैक्स छूट की उम्मीदें
घरों की कीमतें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। टैक्सपेयर्स का मानना है कि सिर्फ टैक्स स्लैब बदलने से पर्याप्त राहत नहीं मिलेगी। सरकार को ज़रूरी खर्चों पर भी छूट देने पर विचार करना चाहिए। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि होम लोन पर अभी मिल रही 2 लाख रुपये की टैक्स छूट बढ़ाई जाएगी।
बेसिक टैक्स छूट बढ़ने की उम्मीदें
पुराने टैक्स सिस्टम के तहत, टैक्सपेयर्स PF, होम लोन और इंश्योरेंस जैसी बचत योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, अब उन्हें लगता है कि मौजूदा छूट की सीमा उनके लिए काफी नहीं है। आम टैक्सपेयर्स को 2.5 लाख रुपये की बेसिक छूट और सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट बढ़ने की उम्मीद है। टैक्सपेयर्स की मांग है कि बच्चों की शिक्षा और इंश्योरेंस खर्चों को ध्यान में रखते हुए इस सीमा को कम से कम 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जाए।
आसान नियमों की उम्मीदें
अक्सर देखा जाता है कि आम लोगों को रिटर्न फाइल करने के बाद रिफंड के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है। लोग TDS मैचिंग, कैपिटल गेन्स टैक्स से जुड़ी समस्याओं वगैरह से राहत चाहते हैं। आसान नियमों से टैक्सपेयर्स की मुश्किलें कम हो सकती हैं। फिलहाल, शेयर बाज़ार, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी के नियम अलग-अलग हैं, जिससे आम लोगों को काफी कन्फ्यूजन होता है। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि सरकार इस साल के बजट में इन नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठाएगी।








