सोमवार को पूरे दिन शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में ज़बरदस्त तेज़ी आई। BSE सेंसेक्स 944 अंक, यानी 1% से ज़्यादा बढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 263 अंक, यानी 1% बढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी 200 अंकों की बढ़ोतरी देखी गई।
शेयर बाज़ार में यह अचानक तेज़ी ज़्यादातर ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में निवेशकों की खरीदारी की वजह से आई। लार्ज-कैप शेयरों में अच्छी-खासी खरीदारी हुई, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज़ जैसे शेयरों में 3% की बढ़ोतरी हुई। इस तेज़ी से BSE का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹5 लाख करोड़ बढ़ गया। टॉप 30 BSE शेयरों में से सिर्फ़ 5 शेयर 2% से ज़्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। बाकी 25 शेयरों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई। पावर ग्रिड जैसे शेयरों में 7% से ज़्यादा की तेज़ी आई। अडानी पोर्ट के शेयर 4% से ज़्यादा बढ़े, और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में 3% की बढ़ोतरी हुई।
शेयर बाज़ार में अचानक तेज़ी क्यों आई?
जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाज़ार में भारी बिकवाली हुई है और अब खरीदने का सही समय है, तो वे अपने पसंदीदा शेयरों में निवेश करते हैं। सोमवार को यही हुआ। RIL, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, L&T, बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक और सन फार्मा जैसे बड़े शेयरों में 7% तक की बढ़ोतरी देखी गई, जो मज़बूत खरीदारी का संकेत देता है।








