Home व्यापार Stock Market Opening : कल तगड़ी रैली के बाद आज बाजार में...

Stock Market Opening : कल तगड़ी रैली के बाद आज बाजार में भारी मुनाफावसूली, सेंसेक्स 500 अंक और निफ्टी 120 अंक नीचे खुला

8
0

कल की तेज़ रैली के बाद, प्रॉफ़िट-बुकिंग के कारण बुधवार (4 फरवरी) को घरेलू शेयर बाज़ार गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 500 अंक और निफ्टी 120 अंक नीचे खुला, लेकिन बाद में निचले स्तरों से कुछ रिकवरी देखने को मिली। IT इंडेक्स खुलने पर 5.7% से ज़्यादा गिर गया। HCL टेक, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा, विप्रो, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक आज निफ्टी के टॉप लूज़र्स में शामिल थे। ONGC, कोल इंडिया, M&M, पावर ग्रिड, ग्रासिम, ITC और टाटा स्टील टॉप निफ्टी गेनर्स में शामिल थे।

थोड़े बेयरिश संकेत हैं। GIFT निफ्टी नीचे था। IT सेक्टर में बिकवाली के कारण कल अमेरिकी बाज़ारों में गिरावट देखी गई। अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर एक बड़ा अपडेट, विदेशी निवेशकों की मज़बूत वापसी, अमेरिकी बाज़ारों में कमज़ोरी, कमोडिटीज़ में तेज़ उछाल और RBI की पॉलिसी मीटिंग – ये सभी कारक आज की ट्रेडिंग की दिशा तय कर सकते हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी के साथ-साथ सेक्टोरल गतिविधियों पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बड़ा बयान

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अगले 2-3 दिनों में अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर साइन कर सकता है। इस डील से किसानों, डेयरी सेक्टर और मछुआरों को खास तौर पर फायदा होने की उम्मीद है। ट्रेड डील से एक्सपोर्ट बढ़ सकता है और कृषि और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े शेयरों में तेज़ी आ सकती है।

FIIs की मज़बूत वापसी
विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में लगभग ₹5,236 करोड़ के शेयर खरीदे, जिसे पिछले तीन महीनों में सबसे बड़ी खरीदारी माना जा रहा है। इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स को मिलाकर, FIIs ने बाज़ार में कुल ₹16,750 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया है। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के शेयर खरीदे। इससे बाज़ार में रिस्क-ऑन सेंटिमेंट मज़बूत हुआ।

अमेरिकी बाज़ारों से कमज़ोर संकेत
अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली हावी रही। नैस्डैक लगभग 350 अंक गिर गया। डॉव जोन्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 400 अंक फिसलकर लगभग 170 अंक नीचे बंद हुआ। टेक और ग्रोथ शेयरों पर दबाव वैश्विक सेंटिमेंट पर थोड़ा असर डाल रहा है।

एशियाई संकेत और GIFT निफ्टी
GIFT निफ्टी 25,800 के पास सपाट कारोबार कर रहा था। डॉव फ्यूचर्स में करीब 50 अंकों की बढ़ोतरी हुई, लेकिन जापान का निक्केई करीब 400 अंक गिर गया। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों से घरेलू बाजार में सीमित दायरे में खुलने का संकेत मिलता है।

सोने और चांदी में ऐतिहासिक उछाल
घरेलू बाजार में सोना करीब ₹10,000 बढ़कर ₹1,54,000 के करीब बंद हुआ। चांदी में भी करीब ₹32,000 की बढ़ोतरी हुई, जिससे कीमतें ₹2,68,000 के पार पहुंच गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $300 बढ़कर $4,950 से ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी में करीब 10% की बढ़ोतरी होकर $85 के करीब पहुंच गई। सुरक्षित निवेश की मांग और कमजोर डॉलर ने बुलियन को सहारा दिया।

डॉलर की कमजोरी से धातुओं में चमक
कमजोर डॉलर से बेस मेटल्स को फायदा हुआ। LME पर तांबा करीब 4% बढ़ा। एल्युमीनियम और निकेल में भी करीब 2% की बढ़ोतरी हुई। कच्चा तेल भी करीब 2% बढ़कर $68 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। मेटल और एनर्जी शेयरों में एक्शन जारी रहने की संभावना है।

क्रिप्टो बाजार में दबाव
क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव हावी है। बिटकॉइन करीब 4% गिरकर $75,000 से नीचे आ गया, जो इसके 14 महीने के निचले स्तर के करीब है। रिस्क एसेट्स में कमजोरी क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट का कारण बन रही है।

नतीजों का असर
AB कैपिटल और मैनकाइंड फार्मा ने दिसंबर तिमाही के अच्छे नतीजे घोषित किए। बजाज फाइनेंस और पिडिलाइट के नतीजे मिले-जुले रहे। आज, बाजार बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के नतीजों पर नजर रखेगा, जो बाजार बंद होने के बाद जारी किए जाएंगे। फ्यूचर्स बाजार में बजाज होल्डिंग्स, कमिंस, NHPC, टाटा पावर, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स और सम्मान कैपिटल के नतीजों पर भी फोकस रहेगा।

RBI MPC बैठक पर फोकस
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से शुरू हो रही है। बाजार को उम्मीद है कि इस बार पॉलिसी में लिक्विडिटी बढ़ाने के संकेत मिल सकते हैं। ब्याज दरों पर RBI का रुख बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की दिशा तय करेगा।

कुल मिलाकर बाजार का आउटलुक
कुल मिलाकर, FIIs की मजबूत खरीदारी और ट्रेड डील से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदें बाजार को सहारा दे सकती हैं, जबकि अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और क्रिप्टो बाजार में दबाव कुछ सावधानी बरतने का संकेत दे सकता है। आज के ट्रेडिंग सेशन में सेक्टर-विशिष्ट एक्शन और नतीजों पर आधारित उतार-चढ़ाव अधिक प्रमुख रहने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here