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सावधान! TRAI के नए AI रूल पर JIO, Airtel और VI ने जताई आपत्ति, कहीं आपका नंबर भी तो नहीं होने वाला बंद?

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देश में स्पैम कॉल और फेक मैसेज की बढ़ती समस्या पर नकेल कसने की तैयारी चल रही है। इसके लिए टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) अब एक ऐसा “ब्रह्मास्त्र” चलाने की तैयारी कर रहा है, जिससे स्पैम कॉल करने वालों का सफाया हो जाएगा। हालांकि, TRAI के इस नियम से पहले, एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने कहा है कि सिर्फ शक के आधार पर मोबाइल नंबर ब्लॉक करना सही तरीका नहीं है। उनका मानना ​​है कि इससे आम कस्टमर्स को बेवजह परेशानी हो सकती है।

क्या है TRAI का नया “मास्टर प्लान”?

दरअसल, TRAI एक ऐसा नियम लाने पर विचार कर रहा है, जिससे बिना किसी शिकायत के भी आपका मोबाइल नंबर ब्लॉक किया जा सकेगा। इसके लिए एक AI सिग्नल ही काफी होगा। अब तक नियम यह था कि जब तक कोई यूज़र शिकायत नहीं करता, तब तक किसी नंबर पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता था। हालांकि, TRAI ने अब इसे पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। नए प्रपोज़ल के मुताबिक, अगर टेलीकॉम कंपनियों के AI-बेस्ड सिस्टम किसी नंबर को सस्पेक्टेड स्पैम मार्क करते हैं, तो उस नंबर को तुरंत ब्लॉक या डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा। इस नियम से शिकायतों का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। AI तय करेगा कि किसका नंबर एक्टिव रहेगा और किसका डिस्कनेक्ट होगा। यही वजह है कि कंपनियां विरोध कर रही हैं।

कंपनियों ने चिंता क्यों जताई है?
Jio, Airtel और Vodafone-Idea ने TRAI के सख्त रुख पर चिंता जताई है। कंपनियों का कहना है कि नंबर ब्लॉक करने के लिए सिर्फ AI पर निर्भर रहना रिस्की है। उनका कहना है कि AI कभी-कभी ज़रूरी कॉल (जैसे बैंक से वेरिफिकेशन कॉल या डिलीवरी पर्सन की कॉल) को स्पैम समझकर ब्लॉक कर सकता है। इससे आम यूज़र्स को काफी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, अगर किसी असली यूज़र का नंबर गलती से ब्लॉक हो जाता है, तो वे कोर्ट जा सकते हैं, जिससे टेलीकॉम कंपनियों के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा, बिना किसी पक्के सबूत या शिकायत के किसी नंबर को डिस्कनेक्ट करना कस्टमर के अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।

हर दिन 400 मिलियन स्पैम मैसेज ब्लॉक किए जा रहे हैं!
TRAI के डेटा के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां पहले से ही AI का इस्तेमाल कर रही हैं, और हर दिन लगभग 400 मिलियन स्पैम कॉल और मैसेज ब्लॉक या फ्लैग किए जा रहे हैं। इसके बावजूद, स्कैमर नए तरीके ढूंढ रहे हैं। यही वजह है कि TRAI अब ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाना चाहता है।

आप पर इसका क्या असर होगा?
अगर यह नियम लागू होता है, तो जो लोग मार्केटिंग या बिज़नेस के लिए अपने पर्सनल नंबर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें खास तौर पर सावधान रहने की ज़रूरत होगी। अगर आपके कॉलिंग पैटर्न में कुछ भी गलत पाया जाता है, तो AI इसे स्पैम मान लेगा, और आपका SIM कार्ड हमेशा के लिए डीएक्टिवेट हो सकता है।

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