मुंबई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्री में हर साल सैकड़ों चेहरे आते हैं, लेकिन बहुत कम ऐसे होते हैं जो बिना किसी फिल्मी विरासत और बड़े सहारे के अपनी पहचान बना पाते हैं। ऐसे कलाकारों का सफर आसान नहीं होता। इन्हीं में से एक नाम अभिनेत्री शालिनी पांडे का है, जिन्होंने अपने संघर्ष, धैर्य और लगातार मेहनत के दम पर सिनेमा में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में स्वतंत्र सफर को लेकर खुलकर बात की।
आईएएनएस से बात करते हुए शालिनी ने कहा, ”बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में आना चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। मेरा मानना है कि हर इंसान को अपने सपनों के पीछे जाना चाहिए, चाहे रास्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो। अगर इंसान अपने दिल की सुनकर आगे नहीं बढ़ता, तो जिंदगी में एक खालीपन रह जाता है, जिसे कोई और काम भर नहीं सकता।”
इंटरव्यू के दौरान जब आईएएनएस ने पूछा कि घर छोड़कर एक अनजान शहर में आने और अभिनय के सपने को पूरा करने के फैसले को वह किस नजर से देखती हैं, तो शालिनी ने कहा, ”इंडस्ट्री में आने का फैसला मेरे जीवन का अब तक का सबसे अच्छा निर्णय है। अगर मैंने अपने सपने को पीछे छोड़कर कोई और रास्ता चुना होता, तो शायद मैं कभी सच्चे मायनों में खुश नहीं रह पाती। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, तो खुद के उस साहसिक फैसले के लिए आभारी महसूस करती हूं।”
शालिनी ने कहा, ”इंडस्ट्री में बिना किसी मदद के अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता। शुरुआती दौर में कई बार ऐसा समय आता है, जब काम नहीं होता, जवाब नहीं मिलते और भविष्य को लेकर असमंजस बना रहता है। ऐसे समय में सबसे जरूरी चीज होती है, धैर्य और निरंतरता। अगर इंसान लगातार मेहनत करता रहे और खुद पर भरोसा बनाए रखे, तो धीरे-धीरे रास्ते खुलने लगते हैं।”
शालिनी ने कहा, ”फिल्म इंडस्ट्री ने मुझे आत्मविश्वास सिखाया है। यहां मुझे यह समझ आया कि बार-बार ठुकराए जाने के बावजूद खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। समय के साथ मेरा आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है और आज मैं पहले से ज्यादा स्पष्ट सोच के साथ अपने फैसले लेती हूं।”
–आईएएनएस
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