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Refurbished Phone खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! ये जरूरी बातें नहीं देखीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

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आज के समय में महंगे स्मार्टफोन्स की बढ़ती कीमतों के बीच रिफर्बिश्ड फोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स मिलने की वजह से बड़ी संख्या में लोग refurbished smartphones खरीदना पसंद कर रहे हैं। हालांकि, सस्ते के चक्कर में कई बार लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से बाद में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिफर्बिश्ड फोन खरीदने से पहले कुछ जरूरी चीजों को ध्यान से चेक करना बेहद जरूरी है।

सबसे पहले फोन की वारंटी जरूर जांचनी चाहिए। कई कंपनियां और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म रिफर्बिश्ड फोन पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक की वारंटी देते हैं। अगर किसी फोन पर वारंटी नहीं मिल रही है, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर माना जाता है। वारंटी होने से फोन में किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में रिपेयर या रिप्लेसमेंट की सुविधा मिल जाती है।

इसके अलावा फोन की फिजिकल कंडीशन पर भी खास ध्यान देना चाहिए। खरीदने से पहले स्क्रीन, बॉडी, कैमरा और बटन को अच्छी तरह चेक करें। कई बार फोन में छोटे-छोटे डेंट, स्क्रीन स्क्रैच या कैमरा डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर फोन ऑनलाइन खरीद रहे हैं तो उसकी ग्रेडिंग जरूर देखें। आमतौर पर “Excellent”, “Good” और “Fair” जैसी कैटेगरी दी जाती हैं, जिनसे फोन की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बैटरी हेल्थ भी एक बेहद अहम फैक्टर है। पुराने फोन में बैटरी जल्दी खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में फोन खरीदने से पहले उसकी बैटरी परफॉर्मेंस और बैकअप की जानकारी लेना जरूरी है। कई रिफर्बिश्ड फोन्स में नई बैटरी डाली जाती है, लेकिन कुछ में पुरानी बैटरी ही इस्तेमाल होती है। इसलिए बैटरी हेल्थ रिपोर्ट जरूर मांगनी चाहिए।

फोन का IMEI नंबर चेक करना भी बेहद जरूरी माना जाता है। इससे पता लगाया जा सकता है कि फोन चोरी का तो नहीं है या किसी ब्लैकलिस्ट में शामिल तो नहीं। यूजर्स फोन के डायल पैड में *#06# डायल करके IMEI नंबर देख सकते हैं। इसके बाद इसे आधिकारिक वेबसाइट पर वेरिफाई किया जा सकता है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म या प्रमाणित विक्रेता से ही रिफर्बिश्ड फोन खरीदना चाहिए। कई फर्जी वेबसाइट्स और अनजान सेलर्स लोगों को कम कीमत का लालच देकर खराब या नकली डिवाइस बेच देते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले रिटर्न पॉलिसी और कस्टमर रिव्यू भी जरूर पढ़ें।

इसके अलावा फोन के सभी फीचर्स जैसे स्पीकर, माइक्रोफोन, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट, फिंगरप्रिंट सेंसर और नेटवर्क कनेक्टिविटी को टेस्ट करना चाहिए। कई बार फोन बाहर से ठीक दिखता है, लेकिन अंदरूनी हार्डवेयर में समस्या हो सकती है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और सावधानी के साथ रिफर्बिश्ड फोन खरीदना फायदे का सौदा साबित हो सकता है। लेकिन बिना जांच-पड़ताल के खरीदारी करना आपके पैसे डुबो सकता है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय हर जरूरी पहलू को ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है।

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