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Prakash Jha Birthday प्रसिद्ध भारतीय हिन्दी फ़िल्मकार प्रकाश झा के जन्मदिन के मौके पर जानें इनके कुछ अनसुने किस्से

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मनोरंजन न्यूज डेस्क !!! प्रकाश झा (अंग्रेज़ी Prakash Jha, जन्म- 27 फ़रवरी, 1952) भारतीय हिन्दी फ़िल्मकार हैं। वह हिंदी सिनेमा में सामाजिक मुद्दे पर फ़िल्में बनाने के लिए जाने जातें हैं। उन्होंने साल 1984 में फ़िल्म ‘हिप हिप हुर्रे’ से हिंदी सिनेमा में अपना निर्देशन डेब्यू किया। इस फ़िल्म की पृष्ठभूमि बिहार के बंधुआ मजदूर पर आधारित थी। प्रकाश की पहली ही फ़िल्म को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। उसके बाद उन्होंने और भी अवॉर्ड विनिंग डॉक्युमनेटरीज का निर्देशन किया। प्रकाश झा ऐसे फ़िल्मकार हैं, जो फ़िल्मों के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें लेकर हर बार बॉक्स ऑफिस पर हाजिर होते हैं। उनके साहस और प्रयासों की इस मायने में प्रशंसा की जाना चाहिए कि सिनेमा की ताकत का वे सही इस्तेमाल करते हैं।

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परिचय

मध्यम परिवार से तालुक रखने वाले प्रकाश झा का जन्म 27 फ़रवरी, 1952 को चंपारण, बिहार में हुआ था। प्रकाश झा ने अपनी पढ़ाई बोकारो शहर के केंद्रीय विद्यालय नं.1 और कोडरमा जिले के तिलैया में स्थित सैनिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। लेकिन उस दौर में उनकी रूची पेंटिग की ओर बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाकर पेंटर बनने का निर्णय लिया। इसी के चलते साल 1973 में फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया।

निजी जीवन

प्रकाश झा ने साल 1985 में बॉलीवुड अभिनेत्री दीप्ति नवल से विवाह किया। इसके कुछ साल बाद ही उन्होंने एक बेटी को गोद लिया, जिसका नाम है दिशा। साथ ही प्रकाश झा के एक बेटा भी है प्रियरंजन, लेकिन अफसोस दीप्ति नवल से उनके संबंध कुछ सालों बाद ही खराब हो गए और इसी के चलते दोनों ने 2005 में तलाक ले लिया।

संघर्ष भरे दिन

प्रकाश झा ने अपने कॅरियर की शुरुआत डॉक्यूमेंट्री ‘अंडर द ब्लू’ से की थी। लेकिन उनके काम को सराहना तब मिली, जब उन्होंने बिहार के दंगों के ऊपर एक शार्ट फ़िल्म बनाई। हालांकि रिलीज होने के कुछ दिन बाद ही फ़िल्म बैन हो गई; पर प्रकाश झा को इस शार्ट फ़िल्म के लिए ‘नेशनल अवार्ड’ से नवाजा गया। लेकिन इस दौर के बीच एक दौर ऐसा भी आया, जब उन्हें अपनी जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनके संघर्ष भरे दिनों में उनके पास घर का किराया और खाने तक के पैसे नहीं थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब प्रकाश झा मुंबई गए तो उनके पास च्यादा पैसे नहीं थे। ऐसे में उनकी कई रातें जुहू बीच के फुटपाथ पर गुजरी थीं।

फ़िल्मी कॅरियर

साल 2010 में प्रकाश झा ने फ़िल्म ‘राजनीति’ का निर्माण किया, जो दर्शकों और आलोचकों द्वारा बेहद सराही गयी। इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका में अजय देवगन, कैटरीना कैफ, अर्जुन रामपाल, मनोज वाजपेयी, रणबीर कपूर नजर आये थे। इसके बाद वह एक और सामाजिक मुद्दे ‘आरक्षण’ को पर्दे पर लेकर आये। इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, सैफ़ अली ख़ान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक बब्बर मुख्य भूमिका में नजर आये। हालांकि फ़िल्म दर्शकों को कुछ रिझा नहीं सकी, लेकिन यह फ़िल्म आलोचकों द्वारा बेहद पसंद की गयी थी। इसके बाद प्रकाश झा ने फ़िल्म ‘सत्याग्रह’ निर्देशित की। इस फ़िल्म में अजय देवगन, करीना कपूर, ईशा गुप्ता और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में नजर आये थे। फ़िल्म की शूटिंग भोपाल में हुई थी। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में इस प्रकार हैं-

फ़िल्म ‘गंगाजल’

साल 2003 में रिलीज हुई फ़िल्म ‘गंगाजल’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। इस फ़िल्म को करने के बाद अजय देवगन की छवि सख्त पुलिस वाले की बन गई जो आज तक बरकरार है। फ़िल्म को प्रकाश झा ने डायरेक्ट किया था। इस फ़िल्म को नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। फ़िल्म में अभिनेता अजय देवगन एसपी का किरदार निभा रहे थे। फ़िल्म की कहानी अपराधियों को सजा के तौर पर आंख में तेजाब डालने की सच्ची घटना से प्रेरित थी।

फ़िल्म ‘अपहरण’

एक बार फिर प्रकाश झा ने अजय देवगन के साथ फ़िल्म की। नाम था ‘अपहरण’। प्रकाश झा की इस फ़िल्म को न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में सराहना मिली। एक पुस्कार लेने ग्रीस गए फ़िल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब उनकी फ़िल्म ‘अपहरण’ को वहां की जनता से काफी सराहना मिली। अपहरण बिहार की राजनीति और अपराध के बीच गठजोड़ पर आधारित फ़िल्म थी।

फ़िल्म ‘आरक्षण’

राजनीति के एक साल बाद यानि साल 2011 में आई फ़िल्म ‘आरक्षण’। इस फ़िल्म से प्रकाश झा ने एक गंभीर मुद्दा उठाया। वो था आरक्षण का। प्रकाश झा निर्देशित आरक्षण की कहानी में शिक्षा व्यवस्था में अवसर की असमानता और निजी व्यावसायिक हितों के लिए शिक्षा के आदर्शों की बलि जैसे गंभीर कथ्य को बुना गया था।

फ़िल्म ‘राजनीति’

अपहरण के 5 साल बाद एक फ़िल्म आई ‘राजनीति’। इस फ़िल्म में कैटरीना कैफ, अजय देवगन, रणबीर कपूर, अर्जुन रामपाल, मनोज बाजपेयी एवं नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में थे। फ़िल्म पर सेंसर बोर्ड का कैंची चलाना और उसके बाद ‘ए’ सर्टिफिकेट दिए जाने पर विवाद उठना, कैटरीना कैफ का सोनिया गाँधी के लुक में दिखना, आदि ने राजनीति को रिलीज होने से पहले ही काफी पॉपुलर कर दिया था।

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