क्रिकेट न्यूज डेस्क।। एक दशक की असफलता के बाद सफलता की नई कहानी लिखते हुए पंजाब किंग्स शनिवार को आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स से भिड़ेगी और उसकी नजरें 11 साल में पहली बार शीर्ष दो में जगह बनाने पर होंगी। इससे पहले 2014 के सीजन में पंजाब की टीम लीग में शीर्ष पर रही थी लेकिन फाइनल में हार गई थी।
पंजाब लीग के पिछले 18 साल के इतिहास में केवल एक बार ही प्लेऑफ में पहुंचने में सफल रही है। 11 साल के इंतजार के बाद पंजाब अब न केवल शीर्ष दो में रहने की इच्छा रखता है, बल्कि दूसरी बार फाइनल में खेलना और अपना पहला खिताब जीतना भी चाहता है।
पंजाब का आत्मविश्वास तब और बढ़ गया जब उसके विदेशी खिलाड़ी मार्कस स्टोइनिस, जोश इंग्लिस, आरोन हार्डी और काइल जैमीसन तीन दिन पहले टीम में शामिल हुए। ये चारों खिलाड़ी दिल्ली के खिलाफ होने वाले मैच में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे, जो मुंबई इंडियंस से हारने के बाद यहां पहुंची है।
पहली पारी के बाद मैच को बीच में ही रद्द कर दिया गया।
भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के कारण लीग को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिए जाने के बाद ये विदेशी खिलाड़ी स्वदेश लौट गए। 8 मई को धर्मशाला में पंजाब और दिल्ली के बीच मैच पहली पारी के बाद रद्द कर दिया गया था। टूर्नामेंट दोबारा शुरू होने के बाद पंजाब टीम ने अपने विदेशी खिलाड़ियों को वापस बुला लिया। आईपीएल प्लेऑफ में तीन अलग-अलग टीमों का नेतृत्व करने वाले पहले कप्तान बने पंजाब के श्रेयस अय्यर के कंधों पर काफी जिम्मेदारी होगी क्योंकि वह कप्तान के तौर पर अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगे।







