गरुण पुराण सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो भगवान विष्णु द्वारा अपने भक्तों को दिए गए ज्ञान पर आधारित है। यह मृत्यु से पहले और बाद में शरीर की स्थिति का वर्णन करता है। यह यह भी बताता है कि व्यक्ति को किस प्रकार के कर्मों के कारण भोगना पड़ता है।
शत्रुओं पर विजय कैसे प्राप्त करें
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शत्रु और मित्र दोनों होते हैं। गरुण पुराण में कहा गया है कि जिस व्यक्ति का कोई शत्रु नहीं है, उसका अर्थ है कि वह अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर रहा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम जानबूझकर लोगों को शत्रु बनाएँ, बल्कि इसका अर्थ है कि यदि हमारे शत्रु हैं तो हमें घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह एक स्वाभाविक बात है। गरुण पुराण में यह भी कहा गया है कि शत्रुओं से निपटने के लिए सतर्कता और चतुराई की आवश्यकता होती है। इसलिए, शत्रु के अनुसार नीति अपनाकर हम उन पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
वरना, भाग्य नष्ट हो जाएगा
स्वास्थ्य की दृष्टि से भी स्वच्छ रहना और स्वच्छ वस्त्र पहनना महत्वपूर्ण है। गरुण पुराण में यह भी कहा गया है कि जो व्यक्ति स्वच्छता का ध्यान नहीं रखता या स्वच्छ वस्त्र नहीं पहनता, वह अपना सौभाग्य स्वयं नष्ट कर लेता है।
बीमारियों से रहें सुरक्षित
आज के समय में हर व्यक्ति स्वस्थ और निरोगी रहना चाहता है। इसके लिए गरुण पुराण में बताई गई इन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। खानपान व्यक्ति को स्वस्थ रखने के साथ-साथ बीमार भी रख सकता है। ऐसे में संतुलित आहार लेना बेहद ज़रूरी है।
ज़रूर करें ये काम
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत ही महिमामय माना गया है। गरुण पुराण में यह भी कहा गया है कि अगर एकादशी व्रत रखा जाए तो व्यक्ति जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति पा सकता है। इसके साथ ही इसमें तुलसी को भी विशेष महत्व दिया गया है। घर में तुलसी रखने से सभी रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही इस पुराण में रोज़ाना तुलसी का सेवन करने की बात कही गई है।








