भारत ने सेमीकंडक्टर तकनीक में एक बड़ी सफलता हासिल की है। आज देश में निर्मित पहली सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च की गई। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश में निर्मित पहली चिप भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने विक्रम 32-बिट प्रोसेसर और चार अन्य स्वीकृत परियोजनाओं के परीक्षण चिप्स भी भेंट किए। इन्हें इसरो की सेमीकंडक्टर लैब में तैयार किया गया है।
आज (2 सितंबर) प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में सेमीकंडक्टर इंडिया 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के साथ ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ की शुरुआत की गई थी। मात्र साढ़े तीन वर्षों में भारत ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है।
चिप एक डिजिटल हीरा है – प्रधानमंत्री मोदी
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस प्रकार तेल को काला सोना कहा जाता है, उसी प्रकार सेमीकंडक्टर चिप एक डिजिटल हीरा है। 21वीं सदी की प्रगति इन्हीं चिप्स पर आधारित है। एक छोटी सी चिप आने वाले समय में बड़ी प्रगति और नवाचार लाएगी। आज पूरी दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है और सेमीकंडक्टर का भविष्य भारत के साथ मिलकर गढ़ने को तैयार है।
उन्होंने आगे कहा कि जहाँ एक ओर विश्व अर्थव्यवस्था आर्थिक हितों से जुड़ी कई चिंताओं और चुनौतियों का सामना कर रही है, वहीं भारत ने इस वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर दर्ज की है। यह वृद्धि विनिर्माण, सेवा, कृषि और निर्माण जैसे हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब तेज़ी से बैकएंड की भूमिका से आगे बढ़कर एक पूर्ण-स्टैक सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। हम सभी निवेशकों का खुले दिल से स्वागत करते हैं। वह दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया कहेगी – भारत में डिज़ाइन, भारत में निर्मित और दुनिया द्वारा विश्वसनीय। यही भविष्य में भारत की सबसे बड़ी पहचान बनेगी।
आज भारत में पाँच सेमीकंडक्टर इकाइयों पर तेज़ी से काम चल रहा है। मंत्री वैष्णव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी को पहली मेड-इन-इंडिया चिप सौंपना इस यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में और मज़बूत होगा।
सेमीकॉन इंडिया 2025
सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन आज से शुरू हो गया है, जो 4 सितंबर तक चलेगा। इस सम्मेलन में 48 से ज़्यादा देशों के लगभग 2,500 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत पैकेजिंग परियोजनाएँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान, स्मार्ट विनिर्माण और नए निवेश अवसरों पर यहाँ विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, अगले 2-3 महीनों में देश में दो नए संयंत्रों से चिप्स का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, चार और सेमीकॉन इकाइयों के उत्पादन पर तेज़ी से काम चल रहा है। इसका लाभ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और रोज़गार के नए अवसरों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।








