अब तक आपने सुना होगा कि लोग AI चैटबॉट्स को दोस्त, पार्टनर या फिर पति तक मानते आए हैं। लेकिन अब AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मंत्री की जगह भी ले ली है। सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा है, लेकिन अल्बानिया नाम के एक छोटे से देश ने दुनिया में यह अनोखा कदम उठाया है। यहाँ की सरकार ने एक नए मंत्री की नियुक्ति की है, जिनका नाम ‘डिएला’ है। खास बात यह है कि डिएला कोई इंसान नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना एक वर्चुअल बॉट है। इसका काम सरकारी सार्वजनिक खरीद को संभालना है। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को कम करना है।
प्रधानमंत्री ने AI मंत्री के बारे में क्या कहा?
पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री एडी रामा ने गुरुवार को अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने डिएला का परिचय कराया, जिनका नाम K अल्बानियाई भाषा में ‘सूर्य’ का प्रतीक है। रामा ने कहा कि डिएला का काम सरकारी टेंडरों का प्रबंधन करना है और वह निजी कंपनियों को प्रोजेक्ट देने का फैसला करेंगी। सबसे खास बात यह है कि डिएला को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि वह रिश्वत, धमकी या किसी भी तरह के पक्षपात से प्रभावित नहीं होंगी। रामा का दावा है कि डिएला के आने से अल्बानिया में सरकारी टेंडर पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त हो जाएँगे।
भ्रष्टाचार से जूझ रहा अल्बानिया
बाल्कन देश अल्बानिया लंबे समय से भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है। खासकर सरकारी टेंडरों में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी की खबरें आती रहती हैं। इतना ही नहीं, अल्बानिया में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं, जो सरकारी तंत्र में घुसपैठ करके अपनी काली कमाई को वैध बनाते हैं। इसी भ्रष्टाचार के कारण अल्बानिया को यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल होने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री रामा का लक्ष्य है कि अल्बानिया 2030 तक ईयू का हिस्सा बन जाए, लेकिन विशेषज्ञ इसे बेहद मुश्किल मानते हैं। डिएला को इसी सपने को पूरा करने के लिए मंत्री बनाया गया है।
डिएला पहले से मौजूद
डिएला अल्बानिया में कोई नया चेहरा नहीं हैं। इस साल की शुरुआत में, उन्हें ई-अल्बानिया प्लेटफॉर्म पर एक वर्चुअल असिस्टेंट के रूप में लॉन्च किया गया था। यह प्लेटफॉर्म अल्बानियाई नागरिकों और व्यवसायों को सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करता है। डिएला पारंपरिक अल्बानियाई परिधान में दिखाई देती हैं और आवाज के जरिए आदेश लेती हैं।
क्या होगा अगर यह हैक हो जाए?
अल्बानियाई सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि डिएला के फ़ैसलों पर मानवीय निगरानी कितनी होगी। यह भी नहीं बताया गया है कि अगर कोई एआई बॉट को हैक करने या अनुचित तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो वह उस स्थिति से कैसे निपटेगी या उसे कैसे टालेगी। तकनीक जितनी उन्नत है, उतनी ही जोखिम भरी भी हो सकती है।








