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गुड न्यूज अब नहीं जाएगी किसी भी नौकरी! AI कभी नहीं ले पाएगा इंसानों जैसी समझ, एक्सपर्ट ने बताई पूरी बात

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के आगमन के बाद से लोगों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। हर कोई इसे लेकर चिंतित है, क्योंकि कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कैसे एआई इंसानों की नौकरियाँ छीन सकता है, उनसे आगे निकल सकता है और यहाँ तक कि दुनिया पर राज भी कर सकता है। ऐसी चेतावनियों के बाद, मानव जाति का चिंतित होना लाज़मी है, लेकिन अब एक विशेषज्ञ ने कहा है कि एआई इंसानों से ज़्यादा स्मार्ट नहीं होने वाला है। उन्होंने अपनी किताब में इस दावे को विस्तार से बताया है।

क्या कहा है विशेषज्ञ ने?

ओहायो स्टेट न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ता एंगस फ्लेचर ने अपनी किताब में कहा है कि एआई में मानव मस्तिष्क से बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता नहीं है। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर एंगस फ्लेचर ने कहा कि एआई तर्क देने में माहिर है। लेकिन जीवन में सिर्फ़ तर्क ही काम नहीं आता और कई बड़ी समस्याएँ हैं जिनके समाधान के लिए अलग-अलग रणनीतियों की ज़रूरत होती है।

प्राइमल इंटेलिजेंस क्या है?

विशेषज्ञ एंगस फ्लेचर ने भी अपनी किताब में ‘प्राइमल इंटेलिजेंस’ के बारे में बात की है।
किताब का नाम भी यही है। फ्लेचर के अनुसार, आदिम बुद्धि मस्तिष्क की एक प्राचीन क्षमता है जो कम जानकारी के बावजूद भी बुद्धिमानी भरे निर्णय लेने में मदद करती है। कई बार हम ऐसी स्थिति का सामना करते हैं जहाँ जानकारी कम होती है और हमें कोई नया रास्ता ढूँढ़ना पड़ता है। इसके लिए फ्लेचर ने कहानी-चिंतन की विधि बताई है। यह सोच हमें नई योजनाएँ बनाने और चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है। हमारे पूर्वजों ने इसी बुद्धि की मदद से जंगली जानवरों से बचने के लिए नई रणनीतियाँ बनाईं। लेकिन एआई में आदिम बुद्धि नहीं होती।

अमेरिकी सेना ने भी आदिम बुद्धि मॉडल को अपनाया।

फ्लेचर का आदिम बुद्धि कार्यक्रम बहुत प्रभावी माना जाता है। अमेरिकी सेना ने इसे अपनी विशेष अभियान इकाई में लागू किया। इस कार्यक्रम ने अमेरिकी सैनिकों को भविष्य को तेज़ी से देखने, आघात से जल्दी उबरने और कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में मदद की। वहीं दूसरी ओर, एआई पहले से प्राप्त आंकड़ों पर काम करता है, जो नई परिस्थितियों का सामना करने पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता।

एआई नहीं तो एसआई करेगा मुकाबला?

एआई भले ही इंसानों से मुकाबला न कर पाए, लेकिन कई रिपोर्ट्स का दावा है कि उससे भी ज़्यादा उन्नत तकनीक एसआई यानी सिंथेटिक इंटेलिजेंस इंसानी दिमाग से मुकाबला कर सकती है। इसमें डेटा के आधार पर नई परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी होगी। हालाँकि, अभी इसके बारे में ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

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