सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। शुक्रवार, 7 नवंबर को सेंसेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिन को ध्यान में रखें तो सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज़्यादा गिर गया। आज ही शेयर बाजार खुलते ही 600 अंकों तक गिर गया।
शेयर बाजार में गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही खुलते ही गिर गए। यह लगातार तीसरे दिन की गिरावट थी। आज सेंसेक्स 600 अंकों से ज़्यादा गिर गया, जबकि निफ्टी 25,350 के नीचे आ गया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी, इंफ्रा, ऑटो, पीएसयू बैंक, वित्तीय सेवाएँ और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखी गई।
सुबह करीब 9:27 बजे, सेंसेक्स 571 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,739.75 पर कारोबार कर रहा था। इस बीच, निफ्टी 169.10 अंक या 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,340.60 पर कारोबार कर रहा था। भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एनटीपीसी और टीसीएस सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयर रहे, जबकि सन फार्मा, इटरनल, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले शेयर रहे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट क्यों
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट के पीछे आईटी शेयर सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार रहे। वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में गिरावट का असर भारतीय आईटी क्षेत्र पर साफ़ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। एआई क्षेत्र में भारी गिरावट और अमेरिकी तकनीकी सूचकांक में कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों पर पड़ा। इस बीच, कमजोर तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार दबाव में आ गया।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
जापान, सियोल, चीन और हांगकांग सभी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। केवल जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में, पिछले कारोबारी दिन डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.84 प्रतिशत या 398.70 अंक गिरकर 46,912.30 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.12 प्रतिशत या 75.97 अंक गिरकर 6,720.32 पर और नैस्डैक 1.90 प्रतिशत या 445.80 अंक गिरकर 23,053.99 पर बंद हुआ।
विदेशी निवेशक की स्थिति
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 6 नवंबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने ₹3,263.21 करोड़ मूल्य के भारतीय शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) उसी कारोबारी दिन शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने ₹5,283.91 करोड़ मूल्य के शेयर खरीदे। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा बाजार रुझान की एक खास बात यह है कि डीआईआई, एफआईआई से ज़्यादा खरीदारी कर रहे हैं। इसके बावजूद बाजार नीचे की ओर जा रहा है, एफआईआई द्वारा भारी शॉर्टिंग बाजार में डीआईआई और निवेशकों की खरीदारी पर हावी है।








