हर दिन की शुरुआत सिर्फ़ सूरज की किरणों से ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीज़ल की नई कीमतों से भी होती है, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। सुबह 6 बजे, देश की तेल विपणन कंपनियाँ (OMC) अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर में बदलाव के आधार पर नवीनतम दरें जारी करती हैं। ये बदलाव रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करते हैं—चाहे वह ऑफिस जाने वाला हो या फल-सब्ज़ी बेचने वाला। इसलिए, रोज़ाना कीमतों से अपडेट रहना न केवल ज़रूरी है, बल्कि समझदारी भी है। यह सरकारी व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज के पेट्रोल और डीज़ल के दाम
13 नवंबर, 2025 तक प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल और डीज़ल के नवीनतम दाम इस प्रकार हैं—
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 और डीज़ल ₹87.62 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 और डीज़ल ₹92.15 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 और डीज़ल ₹90.76 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 और डीज़ल ₹92.34 प्रति लीटर।
अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49 और डीज़ल ₹90.17 प्रति लीटर।
बेंगलुरु:पेट्रोल ₹102.92 और डीज़ल ₹89.02 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46 और डीज़ल ₹95.70 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 और डीज़ल ₹90.21 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 और डीज़ल ₹87.80 प्रति लीटर।
पुणे: पेट्रोल ₹104.04 और डीज़ल ₹90.57 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 और डीज़ल ₹82.45 प्रति लीटर।
इंदौर: पेट्रोल ₹106.48 और डीज़ल ₹91.88 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹105.58 और डीज़ल ₹93.80 प्रति लीटर।
सूरत: पेट्रोल ₹95 और डीज़ल ₹89 प्रति लीटर।
नासिक: पेट्रोल ₹95.50 और डीज़ल ₹89.50 प्रति लीटर।
पिछले दो सालों से कीमतें स्थिर क्यों हैं?
मई 2022 से, केंद्र सरकार और कई राज्यों द्वारा करों में कटौती के बाद पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालाँकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रही हैं।
ईंधन की कीमतें कौन से कारक निर्धारित करते हैं?
कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीज़ल मुख्य रूप से कच्चे तेल से उत्पादित होते हैं। जब अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय बाज़ार पर पड़ता है।
रुपया बनाम डॉलर:
भारत अपना अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और इसे डॉलर में खरीदा जाता है। अगर रुपया कमज़ोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
सरकारी कर और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल और डीज़ल पर भारी कर लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का एक बड़ा हिस्सा होता है। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में भिन्नता होती है।
शोधन लागत:
कच्चे तेल को उपयोगी बनाने (शोधन) की प्रक्रिया में भी लागत आती है। यह लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफ़ाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
माँग और आपूर्ति संतुलन:
अगर बाज़ार में ईंधन की माँग बढ़ती है, तो कीमतें भी बढ़ जाती हैं। त्योहारों, गर्मी या सर्दियों के दौरान ईंधन की खपत विशेष रूप से अधिक होती है।
अपने शहर में एसएमएस के ज़रिए कीमतें कैसे देखें?
अगर आप मोबाइल के ज़रिए ईंधन की कीमतें जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया आसान है:
इंडियन ऑयल के ग्राहक: अपना शहर कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
बीपीसीएल के ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
एचपीसीएल के ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।








