गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में काफी सफलता हासिल की है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में हालात बिल्कुल अलग दिखते हैं। 2024 में राहुल द्रविड़ के कोच पद से हटने के बाद, गंभीर ने भारत की कमान संभाली और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और एशिया कप 2025 जीतकर एक मजबूत शुरुआत की। हालांकि, इस दौरान, टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता गया, जिससे कई अनचाहे और शर्मनाक रिकॉर्ड बने।
1. 12 साल बाद घर में न्यूजीलैंड से हार
पुणे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार भारतीय टीम के लिए एक बड़ा झटका थी। यह 12 साल में घरेलू धरती पर भारत की पहली टेस्ट हार थी। इसके बाद बेंगलुरु और मुंबई में मिली हार ने हालात और खराब कर दिए। न्यूजीलैंड ने 1955 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया, जो 24 साल में घरेलू धरती पर पहली बार था।
2. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हारी, 10 साल का दबदबा खत्म हुआ
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत 3-1 से सीरीज़ हार गया। इससे भारत का 10 साल का दबदबा खत्म हो गया। गंभीर की कोचिंग में, भारत इस सीज़न में दस में से छह टेस्ट हार गया, जिससे टीम की टेस्ट काबिलियत पर सवाल उठे। इसे WTC इतिहास में भारत की सबसे खराब सीरीज़ में से एक माना जाता है।
3. पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मिस किया
WTC इतिहास में पहली बार, भारत फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा। न्यूज़ीलैंड से 0-3 से घरेलू हार और ऑस्ट्रेलिया से 1-3 से बाहरी हार ने भारत की रैंकिंग पर बुरा असर डाला। इससे पहले, भारत ने लगातार दो फाइनल खेले थे, लेकिन इस बार खराब प्रदर्शन ने टीम के अभियान को पटरी से उतार दिया।
4. 21वीं सदी में शर्मनाक रिकॉर्ड
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 124 रन के आसान टारगेट का पीछा करते हुए, भारत 30 रन से हार गया। यह 15 साल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की पहली होम टेस्ट हार थी। इससे भी ज़रूरी बात यह है कि भारतीय टीम 21वीं सदी में 150 से कम के टारगेट का पीछा करते हुए दो बार हारने वाली अकेली टीम बन गई।
5. होम टेस्ट के आंकड़े पहले जितने मज़बूत नहीं हैं
गंभीर की कोचिंग में, भारत ने घर पर आठ टेस्ट खेले हैं, जिनमें से चार हारे हैं। जहां टीम इंडिया को कभी होम ग्राउंड पर अजेय माना जाता था, वहीं अब लगातार हार चिंता बढ़ा रही है।






