भारतीय मूल के सबीह खान को एप्पल का नया मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त किया गया है। सबीह खान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और रामपुर ज़िलों से ताल्लुक रखते हैं और आज भी उनके परिवार के कई सदस्य इन्हीं दोनों शहरों में रहते हैं। 1966 में जन्मे सबीह खान के पिता सईद उल्लाह खान रामपुर के रहने वाले थे, जो दशकों पहले सिंगापुर में बस गए थे। सबीह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं प्राप्त की, जिसके बाद वे अमेरिका चले गए और वहीं से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में, सबीह खान अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अमेरिका में रहते हैं।
सबीह खान के परिवार की जड़ें मुरादाबाद और रामपुर में फैली हुई हैं
सबीह खान की पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत ही सम्मानजनक रही है। उनकी माँ सजदा खान का लगभग एक महीने पहले निधन हो गया था। उनके नाना मुरादाबाद के एक प्रसिद्ध व्यवसायी मोहम्मद यार खान थे, जबकि उनके दादा रामपुर के निवासी थे। सबीह खान के करीबी रिश्तेदारों के अनुसार, परिवार की जड़ें आज भी मुरादाबाद और रामपुर में फैली हुई हैं और वहाँ के लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। सबीह खान तीन दशकों से एप्पल से जुड़े हुए हैं।
सबीह को टेक इंडस्ट्री में तीन दशकों का अनुभव है
सबीह खान को टेक इंडस्ट्री में तीन दशकों का अनुभव है और वे लंबे समय से एप्पल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने एप्पल में सप्लाई चेन और वैश्विक संचालन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। कंपनी में उनकी भूमिका हमेशा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही है।एप्पल में अपनी नई भूमिका के तहत, सबीह खान कंपनी के निर्माण, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और संचालन रणनीतियों के लिए ज़िम्मेदार होंगे। एप्पल के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, उन्हें यह ज़िम्मेदारी उनकी वर्षों की निष्ठा, नेतृत्व और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण दी गई है।
मुरादाबाद और रामपुर में खान परिवार से जुड़े लोग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। रिश्तेदारों और परिचितों का कहना है कि यह सिर्फ़ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे इलाके की उपलब्धि है। सबीह खान की यह सफलता न केवल एप्पल के लिए, बल्कि भारत और खासकर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और रामपुर जैसे ज़िलों के लिए भी गर्व की बात है। एक छोटे से शहर से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक का सीओओ बनना प्रेरणा का एक उदाहरण है।








