एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा, स्टारलिंक, का भारत में प्रवेश लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। जब से स्टारलिंक को लेकर चर्चा शुरू हुई है, हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक रहा है कि स्टारलिंक सेवा सबसे पहले किस राज्य को मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि उसने स्टारलिंक के साथ एक आशय पत्र (LOI) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के साथ, महाराष्ट्र अब पहला राज्य होगा जहाँ लोग एलन मस्क की स्टारलिंक इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने एक्स अकाउंट पर इस साझेदारी का विवरण देते हुए एक पोस्ट साझा की, जिसमें बताया गया कि स्टारलिंक इंटरनेट सेवा का उपयोग सरकारी संस्थानों को इंटरनेट प्रदान करने और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह सेवा नंदुरबार, गढ़चिरौली, धाराशिव और वाशिम जैसे पिछड़े जिलों में शुरू की जाएगी।
इस निर्णय के साथ, महाराष्ट्र भारत में उपग्रह-सक्षम डिजिटल बुनियादी ढाँचे में अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह निर्णय भविष्य के लिए तैयार महाराष्ट्र की दिशा में एक बड़ी छलांग है और यह माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन के लिए जमीनी स्तर पर मानक स्थापित कर रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह साझेदारी एलन मस्क की स्टारलिंक को दूरसंचार विभाग से अनुपालन मंज़ूरी और आवश्यक नियामक अनुमोदन प्राप्त होने पर निर्भर है।
स्टारलिंक की भविष्य की योजनाएँ क्या हैं?
एलन मस्क की स्टारलिंक भारत में नौ गेटवे अर्थ स्टेशन बनाने की योजना बना रही है। ये स्टेशन मुंबई, चंडीगढ़, नोएडा, कोलकाता, हैदराबाद और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में स्थापित किए जाएँगे। इसका उद्देश्य देश के हर कोने, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा प्रदान करना है। स्टारलिंक के आगमन से भारत में इंटरनेट एक्सेस का एक नया युग शुरू हो सकता है।








