बजट कैरियर का खिताब हासिल करने वाली एयरलाइन इंडिगो ने पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने से पूरे देश के एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी मच गई। न सिर्फ एयरपोर्ट्स पर, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया। जहां दूसरी एयरलाइंस इस स्थिति का फायदा उठाने लगीं, वहीं पूरी तरह से बुक ट्रेनों ने यात्रियों की बेबसी को उजागर किया। लेकिन सबसे ज़्यादा असर आम आदमी पर पड़ा। यात्री परेशान, हैरान और बेबस रह गए। कुछ लोगों ने मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए, कुछ ने नई नौकरियों के लिए और कुछ ने कॉलेज में एडमिशन के लिए इंडिगो की फ्लाइट्स बुक की थीं, लेकिन पिछले छह दिनों से यह एयरलाइन लोगों को अधर में लटकाए हुए है। सरकार ने भी दखल दिया और इंडिगो एयरलाइंस को तुरंत यात्रियों को रिफंड जारी करने का निर्देश दिया।
₹650 करोड़ का रिफंड
इंडिगो के ऑपरेशनल संकट के बीच, एयरलाइन ने रविवार शाम तक यात्रियों को ₹610 करोड़ का रिफंड जारी कर दिया था। कंपनी ने यात्रियों को 3000 से ज़्यादा सामान भी लौटाए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार शाम को यह जानकारी दी। सरकार ने साफ कर दिया है कि रिफंड या री-बुकिंग के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। इंडिगो संकट के बीच स्पेशल सपोर्ट सेल बनाए गए हैं।
एक दिन में 650 फ्लाइट्स कैंसिल
छह दिन बाद भी इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट्स सामान्य नहीं हो पाई हैं। रविवार को इंडिगो ने 650 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं। दिल्ली, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, भोपाल, मुंबई और त्रिची से फ्लाइट्स उड़ान नहीं भर पाईं। पिछले छह दिनों में 2400 से ज़्यादा इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं।
इंडिगो संकट कब खत्म होगा?
पिछले छह दिनों से जारी इंडिगो संकट जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है। कंपनी का दावा है कि उसकी 75% फ्लाइट्स समय पर चल रही हैं। इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने बताया कि वे रविवार को 1650 फ्लाइट्स ऑपरेट कर रहे थे। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 75% रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इंडिगो की फ्लाइट्स 10 दिसंबर तक सामान्य रूप से चलने लगेंगी।
एयरलाइन को नोटिस मिला, कंपनी ने और समय मांगा
सरकार ने मौजूदा संकट को लेकर इंडिगो को नोटिस भेजा है। सरकार ने इंडिगो से 6 दिसंबर तक शो-कॉज नोटिस का जवाब देने को कहा था, जिसके लिए कंपनी ने 24 घंटे का अतिरिक्त समय मांगा है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कंपनी को मौजूदा स्थिति के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से एक नोटिस मिला था।







