केंद्रीय मंत्रिमंडल आज दोपहर रसोई गैस सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है। सरकारी सूत्रों ने बिज़नेस टुडे को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखने में मदद के लिए तेल कंपनियों को लगभग 30,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे सकता है। आज दोपहर 1 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में इस सब्सिडी को मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है।
सरकार का सब्सिडी देने का मकसद सरकारी तेल कंपनियों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर रसोई गैस बेचने से होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। यह राहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों को दी जाएगी। ये कंपनियां वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में रसोई गैस और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों को स्थिर रखती हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलती है।
सरकार क्यों दे सकती है सब्सिडी?
वैश्विक उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। सरकार कच्चे तेल के असर का असर घरेलू बाजार पर नहीं पड़ने देना चाहती, जिसके चलते वह 30 हज़ार करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दे सकती है। इस सब्सिडी से महंगाई का दबाव कम होगा और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का आम लोगों पर असर नहीं पड़ेगा।
रूसी तेल को लेकर भारत पर दबाव
दूसरी ओर, अमेरिका भारत पर रूसी तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा है। अमेरिका का कहना है कि भारत रूसी तेल खरीदकर युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। ऐसे में घरेलू स्तर पर कच्चे तेल पर दबाव बढ़ सकता है और इसी के चलते केंद्रीय मंत्रिमंडल सब्सिडी को मंज़ूरी दे सकता है।
भारत में रसोई गैस की कीमत
पिछले कुछ समय से रसोई गैस की कीमतों में ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालाँकि, व्यावसायिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹853 है। जबकि मुंबई में एक रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹852.50 है। बेंगलुरु में रसोई गैस की कीमत ₹855.50 है। पटना में रसोई गैस की कीमत ₹892.50 है और उत्तर प्रदेश में इसकी कीमत ₹850-900 है।








